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दुष्यंत चौटाला ने नायब सरकार से मांगा 46 हजार नौकरियों का हिसाब, भर्ती पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग

उचाना। हरियाणा में सरकारी भर्तियों और धान खरीद को लेकर सियासत गरमा गई है। जननायक जनता पार्टी (JJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार पर सवाल उठाते हुए 46 हजार सरकारी नौकरियों के दावे का हिसाब मांगा है। उन्होंने सरकार से भर्ती पाने वाले युवाओं की सूची सार्वजनिक करने और पूरी भर्ती प्रक्रिया पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।

दुष्यंत चौटाला रविवार को उचाना की अतिरिक्त अनाज मंडी पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों से मुलाकात कर धान खरीद, फसल की नमी, उठान और भुगतान से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने किसानों की परेशानियों को लेकर सरकार को घेरा और विकास कार्यों की प्रगति पर भी जवाब मांगा।

धान खरीद में देरी को लेकर सरकार पर निशाना

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बेमौसम बारिश के कारण किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके अलावा पोर्टल संबंधी समस्याओं और खरीद व्यवस्था में बदलाव से भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडियों में धान की फसल पड़ी है, लेकिन समय पर खरीद और उठान नहीं हो रहा।

उन्होंने खरीद एजेंसियों की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों की फसल मंडियों में पहुंचने के बाद भी खरीद प्रक्रिया में देरी होना चिंता का विषय है। रविवार को खरीद नहीं होने की शिकायतों का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार से पूछा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए।

धान के दाम में 300 से 400 रुपये कटौती का आरोप

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने धान खरीद के दौरान किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में किसानों को 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल तक कम कीमत मिलने की शिकायतें सामने आई हैं।

दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि मिलरों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने और फसल के उठान में देरी से किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने सरकार से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भुगतान समय पर करने की मांग की।

21 अक्टूबर को प्रदेशभर में प्रदर्शन करेगी JJP

किसानों की समस्याओं को लेकर दुष्यंत चौटाला ने ऐलान किया कि जननायक जनता पार्टी 21 अक्टूबर को प्रदेशभर में जिला स्तर पर प्रदर्शन करेगी। इस दौरान धान और बाजरे की खरीद में आ रही दिक्कतों के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। पार्टी कार्यकर्ता उपायुक्तों के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपेंगे।

उन्होंने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को भी नाकाफी बताया। उनका कहना था कि किसानों की आय बढ़ाने के दावों के अनुरूप समर्थन मूल्य में पर्याप्त वृद्धि नहीं की गई है।

विकास कार्यों पर भी नायब सरकार से मांगा जवाब

दुष्यंत चौटाला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार की उपलब्धियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को अपनी पांच प्रमुख उपलब्धियां जनता के सामने रखनी चाहिए।

उन्होंने उचाना में प्रस्तावित फायर ट्रेनिंग कॉलेज का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि इसके लिए 25 एकड़ जमीन निर्धारित होने के बाद परियोजना पर कितना काम हुआ है। इसके अलावा जींद मेडिकल कॉलेज में नियमित सुविधाओं, नए हाईवे, औद्योगिक क्षेत्रों और अन्य विकास योजनाओं की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

46 हजार सरकारी नौकरियों पर श्वेत पत्र की मांग

सरकारी भर्ती के मुद्दे पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यदि सरकार ने 46 हजार युवाओं को नौकरियां देने का दावा किया है, तो उसे भर्ती पाने वाले उम्मीदवारों की सूची सार्वजनिक करनी चाहिए।

उन्होंने CET और पुलिस भर्ती समेत विभिन्न भर्तियों की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मांग की कि सरकार स्पष्ट करे कि कितने पदों पर नियुक्तियां हुईं, किन विभागों में युवाओं को रोजगार मिला और कितनी भर्तियां अभी लंबित हैं।

दुष्यंत चौटाला के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक होने से युवाओं को सरकार के रोजगार संबंधी दावों की वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा। इसी वजह से उन्होंने सरकार से भर्ती पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।

मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर भी उठाए सवाल

दुष्यंत चौटाला ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने के दौरान कथित अनियमितताओं की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

उन्होंने फॉर्म नंबर 6 और 7 के इस्तेमाल में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही बूथ लेवल अधिकारियों से अपील की कि यदि नाम हटाने की प्रक्रिया में किसी तरह का दबाव या अनियमितता सामने आती है, तो उसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रहना चाहिए और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से संपन्न होनी चाहिए।

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