चंडीगढ़: पंजाब में हत्या, हत्या के प्रयास, नशा तस्करी और फिरौती समेत करीब 20 आपराधिक मामलों में वांछित गैंगस्टर अमृतपाल सिंह बाथ को कनाडा में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्टों के मुताबिक, वह अपनी पहचान छिपाकर वहां रह रहा था। हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने उसे किसी विशेष गैंगस्टर विरोधी अभियान के दौरान नहीं, बल्कि एक सामान्य ट्रैफिक जांच के दौरान पकड़ा।
यह घटना 8 अक्टूबर की शाम ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर के व्हाली इलाके में हुई थी। 28 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने एक कार को संदिग्ध तरीके से चलते देखा और उसके चालक की नशे की हालत की जांच के लिए वाहन रुकवाया। कार में यात्री के रूप में बैठे अमृतपाल बाथ से भी पूछताछ की गई।
हरप्रीत सिंह के नाम की ID से खुला राज
पुलिस पूछताछ के दौरान अमृतपाल बाथ ने अपनी पहचान हरप्रीत सिंह के रूप में बताई और इसी नाम का पहचान पत्र दिखाया। हालांकि, पुलिस को दस्तावेज की प्रामाणिकता पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसकी पहचान की विस्तृत जांच की गई।
सरे पुलिस के प्रवक्ता इयान मैकडोनाल्ड ने सिटी न्यूज को बताया कि पहचान पत्र संदिग्ध लगने के कारण पुलिस ने आगे पड़ताल की। जांच के दौरान उसकी असली पहचान सामने आ गई।
इंटरपोल के रेड नोटिस से हुई पहचान की पुष्टि
पुलिस ने जब उसके विवरण की जांच संबंधित डेटाबेस में की, तो पता चला कि अमृतपाल सिंह बाथ इंटरपोल के रेड नोटिस पर वांछित है। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया और कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) के हवाले कर दिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद वह एजेंसी की हिरासत में है। बताया गया है कि कनाडा के अधिकारियों को पहले उसके वहां मौजूद होने की जानकारी नहीं थी। जिस कार में वह यात्रा कर रहा था, उसके चालक को उसकी असली पहचान के बारे में पता था या नहीं, यह भी स्पष्ट नहीं है।
पंजाब में करीब 20 आपराधिक मामलों में वांछित
अमृतपाल सिंह बाथ पंजाब के तरनतारन जिले के मियांपुर गांव का निवासी बताया जाता है। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, नशा तस्करी और फिरौती सहित कई गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल होने के आरोप हैं। इन मामलों के चलते पंजाब पुलिस को उसकी तलाश थी।
भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू
पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। अब उसे भारत वापस लाने के लिए आवश्यक कानूनी और कागजी प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।
उसे भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण या निर्वासन जैसे कानूनी विकल्प अपनाए जा सकते हैं। हालांकि, आगे की प्रक्रिया कनाडा के संबंधित अधिकारियों और लागू कानूनी नियमों के तहत पूरी होगी।
इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि एक सामान्य सड़क जांच के दौरान संदिग्ध पहचान पत्र ने पुलिस का ध्यान खींचा और उसके बाद इंटरपोल के रिकॉर्ड से उसकी पहचान सामने आ गई। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि अमृतपाल बाथ को भारत लाने की प्रक्रिया कितनी जल्दी आगे बढ़ती है।


