हिसार। हरियाणा में मौसम में बदलाव के साथ वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगा है। सुबह और शाम के समय ठंड का असर दिखाई दे रहा है। तापमान में गिरावट के बीच प्रदेश के कई शहरों की हवा जहरीली होती जा रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ओर से रविवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा के पांच जिलों में वायु गुणवत्ता की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
आंकड़ों में अंबाला सबसे अधिक प्रदूषित जिला रहा, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 303 दर्ज किया गया। इस स्तर पर हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। वहीं, कैथल में AQI 296 रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा जींद, कुरुक्षेत्र और पानीपत में भी प्रदूषण का स्तर 200 के पार बना हुआ है।
आंकड़ों से साफ है कि अंबाला और कैथल में वायु प्रदूषण सबसे अधिक है। वहीं जींद, कुरुक्षेत्र और पानीपत में भी हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी हुई है।
तापमान में गिरावट के बीच बढ़ा प्रदूषण
प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल रहा है। दिन और रात के तापमान में गिरावट आने से सुबह और शाम ठंड महसूस होने लगी है। इसी बीच कई जिलों में वायु गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। हालांकि, प्रदूषण बढ़ने के पीछे किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बच्चों और बुजुर्गों को बरतनी होगी सावधानी
प्रदूषण का बढ़ता स्तर लोगों की सेहत के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। खासकर अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
विशेषज्ञों की सामान्य सलाह के अनुसार, खराब वायु गुणवत्ता के दौरान बाहर निकलने से बचना चाहिए। जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर जाएं और प्रदूषण के ताजा स्तर पर नजर रखें। अंबाला और कैथल में AQI का स्तर अधिक होने के कारण इन जिलों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।


