नई दिल्ली: आगामी टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले महामुकाबले पर अनिश्चितता के बादल गहरा गए हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसिन नकवी ने आईसीसी (ICC) के सामने एक नया मोर्चा खोलते हुए स्पष्ट कर दिया है कि उनकी टीम भारत के खिलाफ तभी मैदान पर उतरेगी, जब उनकी तीन प्रमुख मांगें मान ली जाएंगी।
याद रहे कि भारत और पाकिस्तान के बीच यह हाई-वोल्टेज मैच 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाना प्रस्तावित है।
PCB की वो तीन शर्तें, जिन्होंने बढ़ाई ICC की टेंशन
आईसीसी के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई हालिया बैठक में मोहसिन नकवी ने बहिष्कार खत्म करने के बदले निम्नलिखित प्रस्ताव रखे हैं:
* रेवेन्यू शेयर में बढ़ोतरी: पाकिस्तान ने ICC के कुल राजस्व (Revenue) में अपने हिस्से को बढ़ाने की मांग की है।
* द्विपक्षीय सीरीज की बहाली: पीसीबी चाहता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच रुकी हुई द्विपक्षीय (Bilateral) क्रिकेट सीरीज फिर से शुरू की जाए।
* हाथ मिलाने की शर्त: एक अजीबोगरीब मांग में नकवी ने कहा है कि मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों को पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाना होगा (सौहार्दपूर्ण व्यवहार दिखाना होगा)।
क्या भारत झुकेगा? मुश्किल दिखती है राह
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की इन शर्तों को मानना लगभग नामुमकिन है। विशेष रूप से द्विपक्षीय सीरीज शुरू करने की मांग भारत सरकार के कड़े रुख के कारण पूरी होना असंभव है। दोनों देशों के बीच 2012-13 के बाद से कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं हुई है और मौजूदा राजनीतिक तनाव को देखते हुए बीसीसीआई (BCCI) बिना सरकारी अनुमति के कोई फैसला नहीं ले सकता।
बहिष्कार के पीछे का असली कारण
पाकिस्तान का यह गुस्सा सीधे तौर पर भारत से नहीं, बल्कि बांग्लादेश के प्रति एकजुटता दिखाने से शुरू हुआ है। दरअसल, बांग्लादेश ने भारत में मैच खेलने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद आईसीसी ने उसे वर्ल्ड कप से बाहर कर स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया। इसी के विरोध में पाकिस्तान ने अपनी सरकार के निर्देश पर भारत के खिलाफ मैच न खेलने का मन बनाया है।
ICC की सख्त चेतावनी
आईसीसी इस मामले में सख्त रुख अपनाए हुए है। बोर्ड ने पाकिस्तान को पहले ही आगाह कर दिया है कि यदि वह भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ICC के अनुसार:
“पाकिस्तान को इस फैसले के दीर्घकालिक प्रभाव और ग्लोबल क्रिकेट इकोसिस्टम पर पड़ने वाले असर को समझना चाहिए।”
आगे क्या?
अब सबकी नजरें ICC के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या पाकिस्तान अपनी शर्तों पर अड़ा रहकर वर्ल्ड कप से बाहर होने का खतरा मोल लेगा, या पर्दे के पीछे कोई समझौता होगा? 15 फरवरी की तारीख नजदीक है और क्रिकेट प्रेमियों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।
