Punjab Desk: पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ आज प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। इस योजना की सफलता की एक भावुक कर देने वाली कहानी श्री मुक्तसर साहिब से सामने आई है, जहाँ महज एक साल की बच्ची ‘ख्वाहिश’ को गंभीर निमोनिया जैसी जानलेवा स्थिति से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। खास बात यह रही कि बच्ची के इलाज के लिए परिवार को न तो दर-दर भटकना पड़ा और न ही एक पैसा खर्च करना पड़ा।
समय पर मिला मुफ्त इलाज, मौत के मुँह से लौटी ‘ख्वाहिश’
अक्सर आर्थिक तंगी के कारण गरीब परिवारों को इलाज शुरू कराने में देरी हो जाती है, जो कई बार जानलेवा साबित होती है। लेकिन ख्वाहिश के मामले में सेहत कार्ड ढाल बनकर सामने आया। बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए डॉ. मोनिका गर्ग की देखरेख में दीप अस्पताल में बिना किसी ‘एडवांस पेमेंट’ या लंबी कागजी कार्रवाई के तुरंत उपचार शुरू कर दिया गया। समय पर मिली इस चिकित्सीय मदद ने मासूम की जान बचा ली।
स्वास्थ्य मंत्री का संदेश: “इलाज में पैसा नहीं बनेगा बाधा”
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस सफल उपचार पर खुशी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का स्पष्ट विजन है कि राज्य के किसी भी नागरिक का इलाज पैसों की कमी के कारण नहीं रुकना चाहिए। उन्होंने कहा:
“मुख्यमंत्री सेहत योजना यह सुनिश्चित कर रही है कि न तो आर्थिक तंगी और न ही प्रशासनिक औपचारिकताएं किसी बच्चे के जीवन के आड़े आएं। ख्वाहिश के मामले में योजना ने जोखिम को शून्य कर दिया और उसे नई जिंदगी मिली।”
योजना की ताकत: ₹10 लाख का सुरक्षा कवच
पंजाब सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना राज्य के परिवारों को एक मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही है:
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कैशलेस कवर: हर परिवार को सालाना ₹10 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है।
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विशाल नेटवर्क: मरीज पंजाब के 900 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में अपनी पसंद का इलाज करा सकते हैं।
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व्यापक उपचार: योजना के तहत 2,300 से अधिक मेडिकल पैकेजों के माध्यम से गंभीर बीमारियों को कवर किया गया है।
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बड़ी उपलब्धि: राज्य में अब तक 26 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
सिर्फ मुक्तसर ही नहीं, बल्कि संगरूर और मानसा जैसे जिलों से भी ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जहाँ कम वजन वाले नवजात शिशुओं को इस योजना के तहत विश्वस्तरीय मुफ्त इलाज मिला है। सरकार अब उन सभी परिवारों को कार्ड बनवाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है जो अभी तक इस सुरक्षा चक्र से नहीं जुड़े हैं।