Sports Desk: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) आज दुनिया की सबसे अमीर खेल लीगों में से एक है, लेकिन इसकी शुरुआत कितनी साधारण थी? पूर्व IPL कमिश्नर ललित मोदी के एक हालिया ट्वीट ने 2008 की उन यादों को ताजा कर दिया है, जब आज की ‘मल्टी-बिलियन डॉलर’ टीमें महज कुछ करोड़ में खरीदी गई थीं।
24 जनवरी 2008: वह दोपहर जिसने क्रिकेट का भविष्य बदल दिया
मुंबई के क्रिकेट सेंटर में आज से 18 साल पहले जब नीलामी शुरू हुई, तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह निवेश ‘सोने की खदान’ साबित होगा। उस ऐतिहासिक दिन दोपहर 12 बजे अलग-अलग शहरों के लिए फ्रेंचाइजी की बोलियाँ लगाई गई थीं। मुकेश अंबानी के रिलायंस ग्रुप ने मुंबई इंडियंस के लिए 111.9 मिलियन डॉलर की सबसे बड़ी बोली लगाकर सबको चौंका दिया था। उस समय शाहरुख खान की रेड चिलीज ने कोलकाता और प्रीति जिंटा ने पंजाब की टीम पर दांव लगाया था।
डॉलर और रुपये का गणित: तब और अब
ललित मोदी ने अपने ट्वीट में एक दिलचस्प पहलू की ओर ध्यान दिलाया है। उन्होंने बताया कि 2008 में 1 डॉलर की कीमत मात्र ₹40 के करीब थी। यानी जो रकम उस समय बहुत बड़ी लग रही थी, वह आज के वैल्यूएशन के मुकाबले बेहद कम थी। इसके अलावा, फ्रेंचाइजी मालिकों के लिए एक बड़ी राहत यह थी कि उन्हें टीम की पूरी कीमत एक साथ नहीं देनी थी। इस भुगतान को 10 साल की बराबर किस्तों में बांट दिया गया था, जिससे शुरुआती सालों में मालिकों पर वित्तीय दबाव कम रहा।
मुनाफे का ‘मास्टरस्ट्रोक’
हैरानी की बात यह है कि कई टीमों ने पहले ही साल से मुनाफा कमाना शुरू कर दिया था। टिकटों की बिक्री, स्पॉन्सरशिप और टीवी ब्रॉडकास्टिंग राइट्स से होने वाली कमाई ने इस बिजनेस मॉडल को रातों-रात सफल बना दिया। यही कारण है कि आज IPL को दुनिया की सबसे कामयाब स्पोर्ट्स लीग्स में गिना जाता है।
2026 में टूटा रिकॉर्ड: क्रिकेट बना सबसे बड़ा ग्लोबल बिजनेस
ललित मोदी के इस विश्लेषण का संदर्भ मार्च 2026 में हुई हालिया रिकॉर्ड तोड़ डील्स से जुड़ा है। हाल ही में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) टीम करीब 1.78 बिलियन डॉलर (लगभग ₹16,706 करोड़) में बेची गई, जबकि राजस्थान रॉयल्स (RR) की कीमत 1.63 बिलियन डॉलर (लगभग ₹15,286 करोड़) आंकी गई।
2008 में करोड़ों से शुरू हुआ यह सफर 2026 तक आते-आते अरबों के साम्राज्य में बदल चुका है। ललित मोदी के आंकड़े गवाह हैं कि IPL अब केवल बाउंड्री और विकेट का खेल नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा और सफल बिजनेस मॉडल बन चुका है।