जब गिलक्रिस्ट के बल्ले से उपजा था ‘खौफ’: 18 साल बाद भी ताजा है मुंबई इंडियंस की वो सबसे दर्दनाक हार

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Sports Desk: क्रिकेट में जब भी कोई बाएं हाथ का बल्लेबाज अपनी फॉर्म में होता है, तो वह मैदान पर किसी चित्रकार की तरह सुंदर और किसी चक्रवात की तरह घातक नजर आता है। हाल ही में वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल ने मुंबई इंडियंस के गेंदबाजों के साथ जो किया, उसने फैंस को आईपीएल 2008 के उस मंजर की याद दिला दी, जब एडम गिलक्रिस्ट ने तबाही का नया नाम लिखा था।

अंपायर तक सहम गए थे: गिलक्रिस्ट का ‘रौद्र रूप’

साल 2008, आईपीएल का पहला सीजन और मैदान था डी वाई ए पाटिल। मुंबई इंडियंस ने डेक्कन चार्जर्स के सामने 155 रनों का लक्ष्य रखा। उस वक्त के अंपायर असद रऊफ ने बाद में याद किया कि गिलक्रिस्ट की ‘क्लीन हिटिंग’ इतनी खतरनाक थी कि अंपायरों को डर लग रहा था कि कहीं कोई शॉट सीधे उनकी तरफ न आ जाए।

42 गेंदों में शतक: जब रिकॉर्ड्स की धज्जियां उड़ीं

गिलक्रिस्ट ने उस रात क्रिकेट की डिक्शनरी से ‘तैयारी’ और ‘सम्मान’ जैसे शब्द हटा दिए थे। उन्होंने मात्र 42 गेंदों पर अपना शतक पूरा कर उस समय का सबसे तेज आईपीएल शतक जड़ दिया था।

  • बाउंड्री का बोलबाला: अपनी नाबाद 109 रनों की पारी में गिलक्रिस्ट ने 10 छक्के और 9 चौके लगाए।

  • हैरान करने वाला आंकड़ा: उनके कुल 109 रनों में से 96 रन तो सिर्फ बाउंड्री (चौकों-छक्कों) से आए थे।

  • स्ट्राइक रेट: उन्होंने 231.91 की अविश्वसनीय रफ्तार से रन बटोरे।

12 ओवर में खत्म कर दिया 20 ओवर का खेल

आमतौर पर 155 रनों का लक्ष्य टी20 में चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन गिलक्रिस्ट और उनके साथी वीवीएस लक्ष्मण ने इसे ‘मजाक’ बना दिया।

  • जो मैच 20 ओवर तक चलना चाहिए था, उसे इस जोड़ी ने महज 12 ओवर (72 गेंदों) में खत्म कर दिया।

  • डेक्कन चार्जर्स ने बिना कोई विकेट खोए 10 विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

  • लक्ष्मण उस छोर पर खड़े होकर महज एक दर्शक की तरह गिलक्रिस्ट की बल्लेबाजी का आनंद ले रहे थे।

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