स्पोर्ट्स डेस्क: आईपीएल के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में गुजरात टाइटंस (GT) ने दिल्ली कैपिटल्स (DC) को महज 1 रन से हराकर सीजन की अपनी पहली जीत दर्ज की। मैच का फैसला आखिरी गेंद पर हुआ, जहाँ दिल्ली के डेविड मिलर की एक रणनीति उन पर ही भारी पड़ गई और गुजरात ने बाजी मार ली।
डेविड मिलर का वो ‘ब्लंडर’ जिसने पलट दिया मैच
दिल्ली कैपिटल्स को जीत के लिए आखिरी दो गेंदों पर सिर्फ 2 रन चाहिए थे। क्रीज पर मौजूद डेविड मिलर ने 20वें ओवर की 5वीं गेंद पर सिंगल लेने से इनकार कर दिया। मिलर चाहते थे कि आखिरी गेंद पर वे खुद स्ट्राइक रखें, लेकिन अगली ही गेंद पर उनके साथी कुलदीप यादव रन आउट हो गए। मिलर का सिंगल न लेने का यह फैसला मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ और दिल्ली जीता हुआ मैच 1 रन से हार गई।
शुभमन गिल ने खोला आखिरी गेंद की रणनीति का राज
मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने खुलासा किया कि अंतिम गेंद फेंकने से पहले गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा और उनके बीच क्या बातचीत हुई थी। गिल ने बताया:
“हम बस इस पर चर्चा कर रहे थे कि यॉर्कर डाली जाए या स्लोअर बॉल। पिच की स्थिति को देखते हुए हमने तय किया कि अगर स्लोअर बॉल सही लेंथ पर गिरती है, तो उस पर बाउंड्री मारना मुश्किल होगा। हमारी यह योजना काम कर गई।”
जीत में फील्डिंग और स्कोर की भूमिका
गिल ने फील्डिंग की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि 1 रन से मिलने वाली जीत में हर एक कोशिश मायने रखती है। उन्होंने स्वीकार किया कि:
-
महत्वपूर्ण रन: फील्डिंग में बचाए गए 5-6 रन ही अंत में हार-जीत का अंतर तय करते हैं।
-
बल्लेबाजी: गुजरात ने बोर्ड पर 210 रन टांगे थे। गिल के मुताबिक, यह स्कोर इस धीमी पिच पर औसत (Par Score) से 15 रन ज्यादा था।
कप्तान की पहली प्रतिक्रिया
सीजन की पहली जीत से राहत महसूस कर रहे गिल ने अंत में चुटकी लेते हुए कहा, “अब बस मुझे चैन की नींद सोने की जरूरत है। कल सुबह उठकर देखूंगा कि इस जीत के बाद कैसा महसूस होता है।”