नई दिल्ली: क्रिकेट के मैदान पर कभी-कभी एक छोटा सा फैसला पूरे मैच का पासा पलट देता है। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में गुजरात टाइटंस के खिलाफ कुछ ऐसा ही हुआ। दिल्ली कैपिटल्स के अनुभवी बल्लेबाज डेविड मिलर (नाबाद 41 रन) अपनी टीम को जीत के मुहाने तक तो ले आए, लेकिन आखिरी ओवर में ‘सिंगल’ न लेने के उनके एक फैसले ने दिल्ली की मेहनत पर पानी फेर दिया।
मैदान पर टूट गए मिलर: आंखों में आए आंसू
दिल्ली कैपिटल्स द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक वीडियो में मैच के बाद का मंजर दिखाई दे रहा है। 1 रन की इस करीबी हार के बाद डेविड मिलर पूरी तरह टूट गए। उन्हें अपनी उस गलती का इतना पछतावा हुआ कि उनकी आँखों से आंसू छलक पड़े।
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कोच का सहारा: वीडियो में टीम के कोच हेमंग बदानी हताश मिलर को गले लगाकर ढांढस बंधाते नजर आ रहे हैं।
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कप्तान की सांत्वना: हार के तुरंत बाद कप्तान अक्षर पटेल ने भी मैदान पर ही भावुक मिलर को संभाला।
क्या था वो ‘गलत फैसला’?
मैच के 20वें ओवर की 5वीं गेंद पर दिल्ली को जीत के लिए 2 रन चाहिए थे। प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर मिलर के पास एक आसान सिंगल लेने का मौका था।
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मिलर की सोच: उन्हें लगा कि वह आखिरी गेंद पर बड़ा शॉट मारकर मैच फिनिश कर देंगे, इसलिए उन्होंने कुलदीप यादव को स्ट्राइक देने से मना कर दिया।
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प्रसिद्ध का पलटवार: प्रसिद्ध कृष्णा ने आखिरी गेंद इतनी सटीक डाली कि मिलर उस पर कोई शॉट नहीं खेल सके।
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रनआउट का ड्रामा: स्कोर बराबर करने की कोशिश में कुलदीप यादव दौड़ पड़े, लेकिन विकेट के पीछे मुस्तैद जोस बटलर ने उन्हें रनआउट कर दिया।
मैच का लेखा-जोखा
गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 210 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स की टीम शानदार संघर्ष के बावजूद 209 रन ही बना सकी और महज 1 रन से मुकाबला गंवा दिया। मिलर को इस बात का गहरा गम है कि अगर उन्होंने 5वीं गेंद पर सिंगल लिया होता, तो मैच कम से कम टाई होकर सुपर ओवर तक जरूर जाता।