संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति: ‘सुरों की मल्लिका’ आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन

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एंटरटेनमेंट डेस्क। भारतीय सिनेमा और संगीत जगत के लिए एक दुखद खबर है। आठ दशकों तक अपनी मखमली और जादुई आवाज़ से दुनिया को मंत्रमुग्ध करने वाली महान गायिका आशा भोसले (Asha Bhosle) अब हमारे बीच नहीं रहीं। 12 अप्रैल, 2026 को 92 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। गायिका का अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा।

‘खुद से मिलने’ की थी आखिरी ख्वाहिश

आशा जी के साथ काम कर चुके प्रसिद्ध म्यूजिक डायरेक्टर शमीर टंडन ने एक भावुक खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि अपने आखिरी दिनों में आशा ताई ने उनसे जीवन के अंतिम पड़ाव और आत्म-साक्षात्कार के बारे में बात की थी।

शमीर टंडन ने ANI से साझा किया कि उन्होंने आशा जी के लिए उनके करियर के आखिरी गानों में से एक तैयार किया था, जिसके बोल थे— “जाने दो, जाने दो, खुद से मिलना है, जाने दो।” शमीर के अनुसार, आशा जी इस गाने से बेहद गहरा जुड़ाव महसूस करती थीं। वे अक्सर कहती थीं, “अब बहुत हो गया, अब मुझे सुकून से खुद से मिलने जाना है।”

शमीर टंडन के लिए वह सिर्फ गायिका नहीं, ‘आई’ थीं

आशा भोसले के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को याद करते हुए शमीर टंडन बेहद भावुक हो गए। उन्होंने कहा:

“दुनिया के लिए वह ‘ताई’ थीं, लेकिन मेरे लिए वह हमेशा ‘आई’ (मराठी में मां) रही हैं। उनके घर पर हमारे बीच हुई लंबी बातचीत की यादें मेरे साथ हमेशा रहेंगी। उनका जाना सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के संगीत जगत का एक बड़ा नुकसान है। उन्होंने हमें सिखाया कि संगीत में प्रयोगशीलता और नयापन कितना महत्वपूर्ण है।”

आशा भोसले का जाना एक युग का अंत है। उनके द्वारा गाए गए हजारों सदाबहार गीत आने वाली कई पीढ़ियों तक संगीत प्रेमियों के दिलों में उनकी यादों को जीवित रखेंगे। सोशल मीडिया पर प्रशंसक और सेलिब्रिटीज उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

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