दिल्ली पुलिस ने रोके AAP विधायक, अकेले राष्ट्रपति से मिले CM भगवंत मान

Punjab

Punjab Desk: पंजाब की सियासत में मचे घमासान के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान मंगलवार (5 मई) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचे। इस दौरान दिल्ली की सड़कों पर भारी हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ रहे ‘आप’ विधायकों के काफिले को सुरक्षा घेरे ने रोक लिया।

खबर के मुख्य अंश निम्नलिखित हैं:

रेल भवन के पास रोके गए विधायक

मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने सभी विधायकों के साथ राष्ट्रपति से मिलने के लिए निकले थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से दिल्ली पुलिस ने विधायकों को रेल भवन के पास ही रोक दिया। यह पहले से ही स्पष्ट था कि राष्ट्रपति केवल मुख्यमंत्री से ही मुलाकात करेंगी, न कि पूरे दल से।

शक्ति प्रदर्शन की रणनीति

माना जा रहा है कि विधायकों को साथ ले जाकर मुख्यमंत्री मान ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं:

  • एकजुटता का संदेश: वे बीजेपी के उन दावों को गलत साबित करना चाहते थे जिनमें कहा जा रहा था कि ‘आप’ के विधायक बागी हो सकते हैं।

  • सरकार की मजबूती: बड़ी संख्या में विधायकों की मौजूदगी से उन्होंने अपनी सरकार की स्थिरता और मजबूती का प्रदर्शन किया।

राष्ट्रपति के सामने प्रमुख मुद्दे

सूत्रों के अनुसार, भगवंत मान ने राष्ट्रपति के समक्ष पंजाब के कई महत्वपूर्ण विषयों को रखा:

  1. राइट टू रिकॉल: सांसदों की टूट और दलबदल को रोकने के लिए सख्त कानून की मांग।

  2. पंजाब के ज्वलंत मुद्दे: राज्य के हितों और हकों से जुड़ी प्रशासनिक अड़चनें।

  3. सियासी उठापटक: पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा।

“पंजाब के हितों के लिए संघर्ष जारी”

मुलाकात से पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया (X) पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने लिखा कि वे पंजाब की खुशहाली और हर वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध हैं। उन्होंने खुद को ‘लोक सेवक’ बताते हुए कहा कि यह संघर्ष सूबे की बुलंद आवाज को राष्ट्रपति तक पहुंचाने के लिए है।

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब राघव चड्ढा के नेतृत्व में बागी सांसद भी राष्ट्रपति से मिलकर मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *