चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पशुपालकों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में बीमार पशुओं के इलाज के लिए पशुपालकों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। सरकार जल्द ही एक विशेष मोबाइल वैन सेवा शुरू करने जा रही है, जो टोल-फ्री नंबर 1962 के जरिए सीधे किसानों के घर पर ही पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कॉल करने के महज 30 मिनट के भीतर यह मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई लाभार्थी के घर पहुंच जाएगी। शुरुआत में यह सेवा प्रतिदिन सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध होगी, जिसे बाद में धीरे-धीरे 24 घंटे (दिन-रात) की सेवा में बदल दिया जाएगा।
‘विजन 2047’ और 5 साल के रोडमैप पर उच्च स्तरीय बैठक
यह घोषणा मुख्यमंत्री ने रविवार को चंडीगढ़ में कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन और पशुपालन विभागों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान की। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण के अनुरूप राज्य के ‘विजन 2047’ के तहत भविष्य के लक्ष्यों और सुधारों पर चर्चा की गई।
बैठक में कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के आधुनिकीकरण को लेकर कई बड़े लक्ष्य तय किए गए:
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जलभराव और लवणीय भूमि में सुधार: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2026-27 में लगभग 1.40 लाख एकड़ जलभराव वाली भूमि को सुधारा जाएगा। वहीं, साल 2031 तक ऐसी प्रभावित भूमि को 100 प्रतिशत ठीक करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है।
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सॉइल हेल्थ कार्ड: मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए सरकार हर साल 15 लाख किसानों को ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड’ (Soil Health Card) जारी करेगी।
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जैविक और प्राकृतिक खेती: राज्य में टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए 1.5 लाख एकड़ भूमि को प्राकृतिक और जैविक खेती समूहों (क्लस्टर्स) के अंतर्गत लाया जाएगा।
भूजल संरक्षण और पराली प्रबंधन पर विशेष जोर
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धान की सीधी बिजाई (DSR): गिरते भूजल को बचाने के लिए हरियाणा सरकार ने ‘डायरेक्ट सीडेड राइस’ (धान की सीधी बिजाई) जैसी आधुनिक तकनीक के तहत 3 लाख एकड़ भूमि को लाने का लक्ष्य रखा है।
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पराली जलाने की घटनाएं होंगी शून्य: पर्यावरण को बचाने और पराली जलाने की समस्या को पूरी तरह खत्म करने के लिए सरकार हर साल किसानों को 15,000 फसल अवशेष प्रबंधन मशीनें वितरित करेगी।
जलभराव वाले क्षेत्रों में झींगा पालन और पशु मेलों का आयोजन
मत्स्य पालन विभाग की प्रस्तुति के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या है, वहाँ झींगा पालन (Shrimp Farming) की संभावनाओं को तलाशा जाए ताकि प्रभावित किसानों की आय बढ़ाई जा सके।
इसके साथ ही, पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में सालाना 4 बड़े पशु मेले आयोजित करने के निर्देश दिए। इन मेलों में पशुपालक आसानी से उन्नत नस्ल के पशुओं की खरीद-बिक्री कर सकेंगे और पशुपालन से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी हासिल कर पाएंगे।