रणवीर सिंह पर बैन से भड़के फिल्ममेकर संजय गुप्ता, फेडरेशन के फैसले पर उठाए गंभीर सवाल

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर बड़े विवादों में घिरे हुए हैं। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआईसीई) ने शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले फिल्म से खुद को अलग करने के चलते अभिनेता पर बैन लगा दिया है, जिसके बाद से फिल्म इंडस्ट्री में लगातार बहस छिड़ी हुई है। इसी बीच, जाने-माने फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने रणवीर सिंह पर लगाए गए इस बैन को लेकर सवाल उठाए हैं और फेडरेशन के इस कदम की कड़ी आलोचना की है।

फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किसी बड़े अभिनेता को बैन करने का असर सिर्फ उस कलाकार पर नहीं पड़ता, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सैकड़ों कामगारों की रोजी-रोटी पर भी पड़ता है। उन्होंने लिखा कि जब कोई ए-लिस्ट अभिनेता किसी फिल्म की शूटिंग करता है, तो सेट पर लगभग 300 लोग काम करते हैं, जिनमें स्पॉट बॉय, लाइटमैन, कैमरा टीम, मेकअप आर्टिस्ट, कॉस्ट्यूम स्टाफ और कई दूसरे कर्मचारी शामिल होते हैं। अगर किसी अभिनेता को बैन कर दिया जाता है, तो सिर्फ अभिनेता का काम नहीं रुकता, बल्कि उन सैकड़ों लोगों की आजीविका भी प्रभावित होती है जो फिल्म इंडस्ट्री पर निर्भर रहते हैं। संजय गुप्ता ने आगे लिखा कि किसी बड़े कलाकार को रोकने से शायद वह पूरी तरह प्रभावित न हो, लेकिन उसके साथ काम करने वाले कर्मचारी बेरोजगार हो सकते हैं, इसलिए ऐसे फैसलों का कोई मतलब नहीं है।

दरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब फिल्म ‘डॉन 3’ के निर्माताओं फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने फेडरेशन से शिकायत की कि रणवीर सिंह के अचानक फिल्म छोड़ने की वजह से प्रोडक्शन हाउस को लगभग 45 करोड़ रुपए का भारी-भरकम आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। निर्माताओं की इसी शिकायत के आधार पर एफडब्ल्यूआईसीई ने रणवीर सिंह के खिलाफ असहयोग निर्देश (नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव) जारी करते हुए उन पर प्रतिबंध लगा दिया।

इस विवाद पर एफडब्ल्यूआईसीई के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने फेडरेशन का रुख साफ करते हुए बताया कि रणवीर सिंह ने शूटिंग शुरू होने से सिर्फ तीन हफ्ते पहले फिल्म छोड़ने का फैसला किया। उस समय तक फिल्म की लगभग सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, शूटिंग की लोकेशन तय हो चुकी थी, होटल बुक किए जा चुके थे और शूटिंग की परमिशन भी ले ली गई थी। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी फिल्म के लिए पहले से काफी पैसा खर्च किया जा चुका था, ऐसे में रणवीर के अचानक पीछे हटने से निर्माताओं को जो आर्थिक नुकसान हुआ, उससे पूरी टीम प्रभावित होती है। अशोक पंडित के अनुसार, फेडरेशन ने इस संबंध में रणवीर सिंह से कई बार बातचीत करने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद मजबूरन यह सख्त फैसला लेना पड़ा।

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