रोहतक: हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए एक बड़ी और चिंताजनक खबर है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने योजना के तहत निजी अस्पतालों के लंबे समय से लंबित (बकाया) भुगतान को लेकर एक कड़ा फैसला लिया है। आईएमए के मुताबिक, यदि सरकार ने जल्द ही बकाया राशि जारी नहीं की, तो 5 जून 2026 से प्रदेश भर के सभी प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान कार्ड के तहत मरीजों का मुफ्त इलाज करना पूरी तरह बंद कर देंगे।
करोड़ों रुपये का भुगतान अटका, अस्पतालों के सामने आर्थिक संकट
रोहतक जिले की बात करें तो यहाँ करीब 34 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़े हुए हैं, जो मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। आईएमए पदाधिकारियों का कहना है कि:
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एक साल से लंबित है राशि: प्रदेश के निजी अस्पतालों का सरकार की तरफ करोड़ों रुपये का भुगतान लंबे समय से बकाया है। कई अस्पतालों की पेमेंट पिछले लगभग एक साल से नहीं मिली है।
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संचालन में आ रही है दिक्कत: समय पर पैसा न मिलने के कारण अस्पताल संचालकों को डॉक्टरों व कर्मचारियों के वेतन (Salary), दवाइयों की खरीद और अस्पताल के अन्य दैनिक खर्चों को पूरा करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई दौर की बातचीत रही बेअसर
आईएमए के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे इस समस्या के समाधान के लिए सरकार और संबंधित विभागों के आला अधिकारियों के साथ कई बार बैठकें और बातचीत कर चुके हैं। हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान या जमीनी कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। संगठन का कहना है कि वे मरीजों को बेहतर सेवाएं देना चाहते हैं, लेकिन मौजूदा आर्थिक तंगी के चलते अब इस व्यवस्था को और आगे जारी रखना उनके लिए नामुमकिन हो गया है।
गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर सीधा असर
यदि सरकार और आईएमए के बीच समय रहते सहमति नहीं बनी और 5 जून से निजी अस्पतालों में इलाज बंद हो गया, तो इसका सीधा असर हजारों गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ेगा। ऐसे में उन्हें मजबूरन सरकारी अस्पतालों का रुख करना पड़ेगा, जहाँ पहले से ही मरीजों का भारी दबाव है।
आईएमए ने सरकार से पुरजोर मांग की है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बजट जारी किया जाए, ताकि मरीजों को बिना किसी रुकावट के स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।