न्यूज़ डेस्क: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में एक ऐसा चमत्कार हुआ है जिसने पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रेमियों को हैरान कर दिया है। न्यूयॉर्क में खेले गए ग्रुप-ई के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में इक्वाडोर ने 4 बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को 2-1 से धूल चटा दी है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही इक्वाडोर ने वर्ल्ड कप के नॉकआउट (राउंड-16) स्टेज में प्रवेश कर लिया है।
इस करिश्माई जीत की खुशी में इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने देश में शुक्रवार को नेशनल हॉलिडे (राष्ट्रीय अवकाश) की घोषणा कर दी है।
आलोचनाओं को पीछे छोड़ ऐसे पलटी बाजी
इस महामुकाबले से पहले इक्वाडोर की राह बेहद मुश्किल नजर आ रही थी। टीम को आइवरी कोस्ट से 1-0 से हार झेलनी पड़ी थी और कुराकाओ के खिलाफ मैच 0-0 से ड्रॉ रहा था। हर कोई जर्मनी को मजबूत मान रहा था, लेकिन कोच सेबेस्टियन बेकासेस की रणनीति और खिलाड़ियों के जज्बे ने इतिहास बदल दिया।
राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने सोशल मीडिया पर लिखा: “सभी खिलाड़ियों और कोच को धन्यवाद, जिन्होंने तमाम आलोचनाओं, अपमान और कठिन परिस्थितियों से गुजरने के बाद शानदार वापसी की और पूरे देश को खुश कर दिया। शुक्रवार को देश में छुट्टी रहेगी। इक्वाडोर अमर रहे!”
⏱️ मैच का रोमांच: मिनट-दर-मिनट की कहानी
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शुरुआती झटका: मैच की शुरुआत जर्मनी के पक्ष में रही। लेरॉय साने ने एक शानदार मूव बनाते हुए गोल दागा और जर्मनी को 1-0 से आगे कर दिया। (इक्वाडोर ने इस गोल पर फाउल का विरोध भी किया था)।
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9वां मिनट (जवाब): इक्वाडोर ने हार नहीं मानी। ठीक 9वें मिनट में नीलसन एंगुलो की मदद से टीम ने जर्मनी के महान गोलकीपर मैनुअल नोएर को छकाते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
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77वां मिनट (ऐतिहासिक टर्निंग पॉइंट): राइट फ्लैंक से मिली एक कॉर्नर किक पर केविन रोड्रिगेज ने हेडर के जरिए गेंद को गोलपोस्ट की तरफ फ्लिक किया। वहां मुस्तैद गोंजालो प्लाटा ने पलक झपकते ही गेंद को जाल में डाल दिया और स्कोर 2-1 कर दिया।
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इंजरी टाइम का रोमांच: मैच के आखिरी 7 मिनट के इंजरी टाइम में जर्मनी ने गोल करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन इक्वाडोर के अभेद्य डिफेंस ने उन्हें एक भी मौका नहीं दिया।
20 साल बाद दोहराया इतिहास
यह फुटबॉल इतिहास में केवल दूसरा मौका है जब इक्वाडोर की टीम ने वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में कदम रखा है। इससे पहले टीम ने साल 2006 के वर्ल्ड कप में यह कारनामा किया था। जर्मनी जैसी दिग्गज टीम को हराकर नॉकआउट में पहुंचना इक्वाडोर के फुटबॉल इतिहास का सबसे सुनहरा पन्ना बन गया है।