हिसार: लंबे इंतजार के बाद आखिरकार हरियाणा में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। मानसून ने यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला के रास्ते प्रदेश में प्रवेश किया है। मौसम विभाग ने पहले ही अगले 48 घंटों के भीतर मानसून पहुंचने का जो अनुमान जताया था, वह पूरी तरह सटीक साबित हुआ है।
बदला मौसम का मिजाज, यमुनानगर में सबसे ज्यादा बारिश
मानसून के कदम रखते ही पूरे प्रदेश में मौसम सुहावना हो गया है। हरियाणा के केवल तीन जिलों को छोड़कर बाकी सभी हिस्सों में प्री-मानसून की अच्छी बारिश दर्ज की गई।
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सबसे ज्यादा बारिश: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून के पहले ही दिन यमुनानगर में सर्वाधिक 23 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
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कमी होगी पूरी: मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि, इस सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से 47% कम वर्षा हुई है, लेकिन आने वाले दिनों में होने वाली अच्छी बारिश से इस कमी के पूरे होने की उम्मीद है।
पिछले साल का रिकॉर्ड: यदि वर्ष 2025 के मानसून सीजन की बात करें, तो हरियाणा में सामान्य से 134% अधिक बारिश दर्ज की गई थी। अकेले जुलाई महीने में ही 173.7 मिमी वर्षा हुई थी, जो सामान्य से 17% ज्यादा थी।
गुरुवार को इन 20 जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी
मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 20 जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली कड़कने की आशंका जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों की सूची नीचे दी गई है:
| पंचकूला | अंबाला | यमुनानगर | कुरुक्षेत्र |
| करनाल | कैथल | जींद | पानीपत |
| हिसार | भिवानी | सोनीपत | रोहतक |
| चरखी दादरी | झज्जर | महेंद्रगढ़ | रेवाड़ी |
| गुरुग्राम | फरीदाबाद | नूंह (मेवात) | पलवल |
मौसम विभाग की आम जनता को सलाह
मानसून की सक्रियता को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतें। तेज हवाओं और बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें और बेहद आवश्यक होने पर ही यात्रा की योजना बनाएं।