वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू न मिलने पर भड़के रवि शास्त्री, गावस्कर और वॉन ने भी उठाए सवाल
भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते हुए युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी को लगातार मैचों में प्लेइंग-11 से बाहर रखने पर क्रिकेट गलियारों में विवाद गरमा गया है। आईपीएल और फिर श्रीलंका दौरे पर इंडिया ‘ए’ के लिए बल्ले से कोहराम मचाने वाले वैभव को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए टीम इंडिया में शामिल तो किया गया, लेकिन उन्हें लगातार बेंच पर बिठाया जा रहा है। टीम मैनेजमेंट के इस फैसले से पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री बेहद खफा हैं, वहीं सुनील गावस्कर और माइकल वॉन ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
गावस्कर की चेतावनी: “जितना इंतजार कराएंगे, उतना दबाव बढ़ेगा”
भारत के महान पूर्व क्रिकेटर और ‘लिटिल मास्टर’ के नाम से मशहूर सुनील गावस्कर ने वैभव को मौका न दिए जाने पर चिंता जताई है। गावस्कर का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी को भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू का जितना ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा, उनके ऊपर उतना ही मानसिक दबाव बढ़ता जाएगा। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हो, तो उसे तुरंत मौका देकर उसका आत्मविश्वास बढ़ाना चाहिए।
रवि शास्त्री और माइकल वॉन ने उठाए सवाल
आयरलैंड के खिलाफ दो टी-20 मैचों की सीरीज में वैभव को प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली थी, जिसके बाद एक्सपर्ट्स और फैंस ने टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठाए थे। इसके बावजूद इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 सीरीज के पहले मुकाबले में भी उन्हें मौका नहीं दिया गया। पूर्व कोच रवि शास्त्री इस फैसले पर अपनी नाराजगी छिपा नहीं सके, वहीं इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी हैरानी जताते हुए कहा कि ऐसे इन-फॉर्म खिलाड़ी को बाहर बिठाना समझ से परे है।
बारिश की भेंट चढ़ा इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी-20
चेस्टर ले स्ट्रीट में खेला गया यह पहला टी-20 मुकाबला आखिरकार बारिश की वजह से बिना किसी परिणाम के खत्म हो गया। मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था और निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 189 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। भारत की पारी तो पूरी हो गई, लेकिन इसके बाद हुई भारी बारिश की वजह से इंग्लैंड की पारी शुरू ही नहीं हो पाई। नतीजा यह रहा कि मैच को रद्द करना पड़ा। फैंस को उम्मीद थी कि इस सीरीज के पहले मैच में वैभव का जलवा देखने को मिलेगा, लेकिन उन्हें एक बार फिर निराश होना पड़ा।





