चंडीगढ़: पंजाब सरकार की एल्डरलाइन 14567 हेल्पलाइन राज्य में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और सहायता के लिए एक कारगर व्यवस्था बनकर उभरी है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर के अनुसार इस हेल्पलाइन के जरिए अब तक 2.5 लाख से ज्यादा कॉलों और शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है, जिसकी बदौलत हजारों बुजुर्गों को वक्त पर मदद पहुँच सकी।
मंत्री ने बताया कि इस हेल्पलाइन की मदद से 91 बेसहारा वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके परिवारों तक पहुँचाया गया। इसके साथ ही दुर्व्यवहार और भरण-पोषण से जुड़ी 1,000 से ज्यादा शिकायतों को सुलझाकर पीड़ित बुजुर्गों को कानूनी व सामाजिक सहायता दिलाई गई।
सम्मान और सुरक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अनमोल पूंजी हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और सम्मान सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है ताकि कोई भी बुजुर्ग खुद को अकेला, उपेक्षित या असुरक्षित न समझे। उनके मुताबिक एल्डरलाइन 14567 सिर्फ शिकायत दर्ज कराने की जगह नहीं, बल्कि भरोसे, सही सलाह और फौरी मदद देने वाला एक सशक्त जरिया है।
सुबह 8 से रात 8 बजे तक मुफ्त सेवा उपलब्ध
यह हेल्पलाइन सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, हेल्पएज इंडिया और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस (एनआईएसडी) के आपसी सहयोग से पंजाब में चलाई जा रही है। यह टोल-फ्री सुविधा हफ्ते के सातों दिन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चालू रहती है, जहाँ प्रशिक्षित कॉल अधिकारी बुजुर्गों की परेशानी सुनकर उन्हें उचित मदद और सलाह देते हैं।
पेंशन, कानूनी मदद और पुनर्वास सहित कई सेवाएं
इस हेल्पलाइन के ज़रिए बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन की जानकारी, सरकारी योजनाओं का ब्यौरा, पेशेवर काउंसलिंग, कानूनी सलाह, रेस्क्यू और पुनर्वास जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। साथ ही ‘माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007’ के अंतर्गत बने जिला ट्रिब्यूनलों की मदद से उपेक्षा, दुर्व्यवहार और भरण-पोषण से जुड़े मामलों को सुलझाने में भी सहायता प्रदान की जाती है।
