एंटरटेनमेंट न्यूज। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर है। उनकी मौत के कारणों का पता लगाने के लिए 8 अक्टूबर को गोवा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) में पोस्टमार्टम किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, अभिनेता की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई। डॉक्टरों के मुताबिक, उनके दिल तक खून पहुंचाने वाली प्रमुख धमनी में खून का थक्का जमने से रुकावट आ गई थी।
राज्य सरकार द्वारा संचालित गोवा मेडिकल कॉलेज के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने रविवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्षों की पुष्टि की। रिपोर्ट में मौत को प्राकृतिक कारणों से हुई मृत्यु बताया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एथेरोस्क्लोरोटिक कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण लेफ्ट मेन कोरोनरी आर्टरी में खून का थक्का जमने और इसके परिणामस्वरूप एक्यूट मायोकार्डियल इन्फार्क्शन यानी दिल का दौरा पड़ने को मौत का कारण बताया गया है।
लेफ्ट मेन कोरोनरी आर्टरी हृदय के एक बड़े हिस्से तक रक्त पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसमें रुकावट आने से दिल की मांसपेशियों को पर्याप्त खून और ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी तबीयत
रिपोर्ट के मुताबिक, 8 अक्टूबर की सुबह पणजी के पास डोना पाउला स्थित अपने आवास पर नाना पाटेकर की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई। उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद सुबह 5:10 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। शुरुआत में डॉक्टरों को हार्ट अटैक की आशंका थी, जिसकी पुष्टि बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई।
गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके बेटे मल्हार पाटेकर गोवा पहुंचे और पार्थिव शरीर को अपने साथ ले गए।
इसके बाद पार्थिव शरीर को पुणे लाया गया और डोंजे गांव स्थित परिवार के फार्महाउस ले जाया गया। यहां अभिनेता का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान राजनीति, सिनेमा और अन्य क्षेत्रों की कई प्रमुख हस्तियां उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचीं।
करीब पांच दशक तक सिनेमा में किया काम
नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के उन अभिनेताओं में शामिल रहे, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय और अलग अंदाज से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की थी और बाद में फिल्मों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
करीब पांच दशक लंबे करियर में उन्होंने कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। अभिनय के अलावा वह सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय के लिए भी जाने जाते थे। वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने भारतीय सेना को अपनी सेवाएं भी दी थीं।
नाना पाटेकर के निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिनकी अभिनय शैली और पर्दे पर दमदार मौजूदगी ने लंबे समय तक दर्शकों के दिलों पर छाप छोड़ी।


