नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देर रात जारी किए गए एक वीडियो संदेश पर राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस वीडियो को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए सरकार के सामने तीन बड़ी शर्तें और माँगें रख दी हैं।
राहुल गांधी का सरकार पर सीधा हमला
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने कहा:
“मिस्टर मोदी, देश के छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आधी रात को जारी इस बेकार वीडियो से उनकी समझदारी का अपमान मत कीजिए।”
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में सरकार के समक्ष प्रमुख रूप से तीन माँगें रखी हैं:
-
शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत उनके पद से हटाया जाए।
-
लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई: ‘संसद चलो मार्च’ के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
-
छात्रों से माफी: सरकार लाठीचार्ज और इस पूरे विवाद के लिए छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
पीएम मोदी का फास्ट-ट्रैक कोर्ट को लेकर बड़ा ऐलान
इससे पहले, जंतर-मंतर पर छात्रों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं और छात्रों को आश्वस्त किया था। उन्होंने कहा था कि युवाओं का भविष्य और कल्याण सरकार के लिए सर्वोपरि है और पेपर लीक में शामिल दोषियों को तुरंत सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा।
शुक्रवार (24 जुलाई) को इस मुद्दे पर आगे की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया:
-
मसौदा तैयार: अधिकारियों ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन और सख्त सजा के प्रावधानों का ड्राफ्ट तैयार कर उन्हें सौंप दिया है।
-
कैबिनेट में चर्चा: इस प्रस्ताव पर आज शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों के सुझावों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी और इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
-
संसद में बिल: आगामी सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में इस संबंधित विधेयक (Bill) को जल्द से जल्द संसद से पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।


