जालंधर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जालंधर के परागपुर में भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन समारोह को संबोधित किया। करीब 4,000 किलोमीटर और पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों से होकर निकली 13 दिवसीय यात्रा के समापन पर आयोजित रैली में शाह ने नशे के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
रैली से पहले अमित शाह ने जालंधर स्थित श्री देवी तालाब मंदिर में माथा टेका। इसके बाद वह परागपुर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। यहां उन्होंने नशे से प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
मंच से अपने संबोधन की शुरुआत अमित शाह ने ‘सत श्री अकाल’ से की। उन्होंने पंजाब की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि दोआबा की धरती महान गुरुओं, शहीदों, किसानों और जवानों के योगदान के लिए जानी जाती है। शाह ने कहा कि पंजाब की पहचान देश की खाद्य और सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान से जुड़ी रही है।
‘31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को चिट्टामुक्त करेंगे’
अमित शाह ने कहा कि भाजपा पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान को प्रमुख मुद्दे के तौर पर आगे बढ़ाएगी। उन्होंने घोषणा की कि यदि पंजाब में भाजपा की सरकार बनती है तो 31 दिसंबर 2029 से पहले राज्य को चिट्टे के कारोबार से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है और सरकार को तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए। शाह ने केंद्र द्वारा नशीले पदार्थों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का भी उल्लेख किया।
AAP सरकार पर लगाए कई आरोप
अपने भाषण में अमित शाह ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर कई चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने रोजगार, पिंड क्लीनिक, मेडिकल कॉलेज, पेंशन और एमएसपी सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
शाह ने कहा कि पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह युवाओं और परिवारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में नशे के कारोबार पर रोक लगाने को अपने प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल करेगी।
‘एक ग्राम चिट्टा भी नहीं बिकने देंगे’
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा का लक्ष्य पंजाब में नशे के कारोबार को पूरी तरह खत्म करना है। उन्होंने कहा कि राज्य में एक ग्राम चिट्टा भी बिकने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने पंजाब के युवाओं और माताओं से नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग की अपील की। शाह ने यह भी कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के साथ-साथ राज्य के औद्योगिक विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा और इसे देश के शीर्ष औद्योगिक राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य रखा जाएगा।
4,000 किलोमीटर की यात्रा का जिक्र
शाह ने भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी की यह यात्रा करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय कर राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंची। यह अभियान 18 सितंबर को शुरू हुआ था और 30 सितंबर को जालंधर में अमित शाह की रैली के साथ इसका समापन हुआ।
अमित शाह ने कहा कि पंजाब के नशे के मुद्दे पर राजनीतिक बहस से आगे बढ़कर ठोस कार्रवाई की जरूरत है। वहीं, नशे के मुद्दे को लेकर पंजाब में भाजपा और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं।


