जालंधर। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और उसके बाद हुई हिंसा व तोड़फोड़ को लेकर यूनिवर्सिटी के चांसलर एवं राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने यूनिवर्सिटी परिसर में छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना से इनकार करते हुए कहा कि इस मामले में अभी तक कोई पीड़िता सामने नहीं आई है।
अशोक मित्तल ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैले एक संदेश और अफवाह के बाद छात्रों को भड़काया गया, जिसके चलते मामला हिंसा और तोड़फोड़ तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि अफवाह किसने फैलाई और इसके पीछे कौन लोग थे, यह जांच का विषय है।
मित्तल ने कहा कि उनकी चिंता केवल यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब की सुरक्षा को लेकर भी है। उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में इस तरह की घटना क्यों हुई और इसके पीछे कौन लोग थे। उन्होंने पूरे मामले की गहन जांच की बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों के साथ बाहरी लोग भी हिंसा में शामिल हुए। मित्तल के मुताबिक, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को भड़काकर हालात बिगाड़े गए और यूनिवर्सिटी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।
LPU परिसर में मौजूद सैन्य उपकरणों और पुराने विमान पर प्रदर्शनकारियों के चढ़ने की घटना पर भी मित्तल ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने एक MiG विमान और टैंक पर चढ़कर उन्हें नुकसान पहुंचाया और इसे देश तथा सैनिकों के सम्मान से जोड़कर देखा।
अशोक मित्तल ने कहा कि यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर भी पूरे मामले की जांच करेगी और जरूरत पड़ने पर सरकारों की मदद ली जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित सरकारों से मामले की गहराई से जांच करने की अपील की, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हिंसा और अफवाहों के पीछे कौन था।
वहीं, मामले में CBI जांच की मांग को लेकर मित्तल ने कहा कि यह मांग उनकी ओर से नहीं बल्कि छात्रों की ओर से की गई है। इस बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी पंजाब सरकार से मामले की स्थिति रिपोर्ट मांगी है और पुलिस से कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। जांच अभी जारी है।


