SPORTS DESK : भारतीय फुटबॉल प्रशासक और मिनर्वा अकादमी के प्रमुख रंजीत बजाज ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) की ओर से मिले फीफा अंडर-15 विश्व कप टीम मैनेजर बनने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। उन्होंने इस फैसले के पीछे भारतीय फुटबॉल प्रशासन की कार्यशैली और मौजूदा व्यवस्था पर अपनी नाराजगी जताई। रंजीत बजाज ने कहा कि भारतीय फुटबॉल में बदलाव केवल पद देने से नहीं आएगा। उनके अनुसार, जब तक जमीनी स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और खिलाड़ियों के विकास को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी, तब तक केवल औपचारिक जिम्मेदारियां स्वीकार करने का कोई मतलब नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका फैसला किसी व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि सिद्धांतों के आधार पर लिया गया है। बजाज का कहना है कि भारतीय फुटबॉल को मजबूत बनाने के लिए दीर्घकालिक और ईमानदार प्रयासों की जरूरत है। रंजीत बजाज लंबे समय से भारतीय फुटबॉल में प्रशासनिक फैसलों और नीतियों को लेकर खुलकर अपनी राय रखते आए हैं। इस बार भी उन्होंने AIFF की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुधार की प्रक्रिया केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
फीफा अंडर-15 विश्व कप की मेजबानी भारत के लिए महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है। ऐसे में टीम मैनेजर के प्रस्ताव को ठुकराने के बाद रंजीत बजाज का बयान फुटबॉल जगत में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, AIFF की ओर से इस मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब यह देखना होगा कि महासंघ इस जिम्मेदारी के लिए किसे नियुक्त करता है और आगामी टूर्नामेंट की तैयारियों को किस तरह आगे बढ़ाता है।


