HomePunjabकनाडा: ड्रग तस्करी मामले में पंजाबी रेडियो होस्ट सुखविंदर कौर संघा को...

कनाडा: ड्रग तस्करी मामले में पंजाबी रेडियो होस्ट सुखविंदर कौर संघा को 5.5 साल की जेल

कनाडा/जालंधर: कनाडा के पंजाबी मीडिया जगत में एक बड़े नाम के तौर पर पहचानी जाने वाली रेडियो और टीवी ब्रॉडकास्टर सुखविंदर कौर संघा (47) को ड्रग तस्करी के गंभीर मामले में दोषी पाया गया है। ब्रिटिश कोलंबिया सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल को उन्हें साढ़े पांच साल की कैद की सजा सुनाई है।

सुखविंदर कौर संघा का संबंध पंजाब के जालंधर जिले के नकोदर से जुड़े परिवार से है, हालांकि उनका जन्म कनाडा के प्रिंस जॉर्ज में हुआ था।

क्या था पूरा मामला?

यह घटना अक्टूबर 2021 की है, जब सुखविंदर संघा अमेरिका से कनाडा सीमा में प्रवेश कर रही थीं।

  • बॉर्डर पर भागने की कोशिश: सरे (Surrey) स्थित चेकपोस्ट पर कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी ने उनकी रेंटल कार को सेकेंडरी जांच के लिए रोका, लेकिन उन्होंने गाड़ी रोकने के बजाय उसे तेज रफ्तार में भगा दिया।

  • भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद: पुलिस ने पीछा करके उन्हें सरे की 16वीं एवेन्यू पर दबोच लिया। कार की तलाशी लेने पर अधिकारियों को चार डफल बैग मिले, जिनमें 108 किलोग्राम मेथामफेटामाइन ड्रग्स थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत लगभग 83 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

कोर्ट ने खारिज किया ‘मजबूरी’ का तर्क

अदालत में सुखविंदर संघा ने दावा किया कि वह अपनी मौसी के अंतिम संस्कार के लिए वाशिंगटन गई थीं और उन्हें धमकाकर इस तस्करी के लिए मजबूर किया गया था। हालांकि, न्यायाधीश जॉन गिब-कार्सले ने इस दलील को पूरी तरह खारिज कर दिया।

  • सबूतों ने खोली पोल: जांच के दौरान संघा के मोबाइल से मिले टेक्स्ट मैसेज ने उनके झूठ का पर्दाफाश कर दिया। कोर्ट ने पाया कि उनके संदेशों का लहजा किसी डरे हुए व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक पेशेवर तस्कर का था। मैसेज से स्पष्ट हुआ कि वह न केवल इस तस्करी नेटवर्क का हिस्सा थीं, बल्कि पहले भी कई बार ड्रग्स की खेप पहुँचा चुकी थीं।

पंजाबी समुदाय में मायूसी

कनाडा में बसे प्रवासी पंजाबी समुदाय के लिए यह घटना किसी बड़े झटके से कम नहीं है। रेडियो होस्ट के रूप में संघा के शो में अक्सर पुलिस अधिकारी और राजनेता हिस्सा लेते थे, जिससे वह समुदाय का एक सम्मानित चेहरा बन चुकी थीं। समुदाय के लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं न केवल समाज को बदनाम करती हैं, बल्कि कनाडा में रह रहे पंजाबी मूल के लोगों के खिलाफ बढ़ रही ‘हेट स्पीच’ और नकारात्मक छवि को और गहरा करती हैं।

न्यायाधीश ने सजा सुनाते हुए कहा कि नशीले पदार्थों का व्यापार समाज के लिए एक जहर है, और उम्मीद जताई कि जेल में बिताया जाने वाला समय उनके आत्मचिंतन के लिए मददगार साबित होगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments