चंडीगढ़: पंजाब के बर्खास्त AIG राजजीत सिंह ने पटियाला पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। सरेंडर के तुरंत बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वह पिछले करीब तीन साल से फरार चल रहे थे।
राजजीत सिंह के खिलाफ ड्रग तस्करी, जबरन वसूली और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले दर्ज हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों को लंबे समय से उनकी तलाश थी। अप्रैल 2023 में पंजाब सरकार ने उन्हें पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया था, जिसके बाद वह भूमिगत हो गए थे।
ड्रग नेटवर्क से जुड़े मामले में आया था नाम
राजजीत सिंह का नाम पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की निगरानी में हुई SIT जांच के दौरान सामने आया था। जांच में उनका नाम बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह से जुड़े कथित ड्रग तस्करी और वसूली नेटवर्क से जोड़ा गया था।
SIT की रिपोर्टों के आधार पर विजिलेंस ब्यूरो और स्पेशल टास्क फोर्स ने राजजीत सिंह के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद वह फरार हो गए थे।
जांच रिपोर्टों में राजजीत सिंह पर ड्रग तस्करों को कथित संरक्षण देने, लोगों को कथित तौर पर ड्रग मामलों में फंसाने और उनसे वसूली करने जैसे आरोप लगाए गए थे। इसके अलावा उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया था। हालांकि, ये आरोप जांच और अदालती रिकॉर्ड में दर्ज आरोपों के रूप में सामने आए हैं।
50 से ज्यादा NDPS सैंपल फेल होने का मामला
जांच के दौरान उस अवधि में 50 से अधिक NDPS सैंपल के फेल होने का मुद्दा भी सामने आया था, जब राजजीत सिंह तरनतारन के SSP और इंद्रजीत सिंह CIA प्रभारी के पद पर तैनात थे।
SIT की रिपोर्टों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पंजाब सरकार ने अप्रैल 2023 में राजजीत सिंह को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया था। अब करीब तीन साल तक फरार रहने के बाद उनके सरेंडर से मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।


