HomeDharamकाठगढ़ महादेव: जहां एक ही शिवलिंग में विराजमान हैं शिव और शक्ति

काठगढ़ महादेव: जहां एक ही शिवलिंग में विराजमान हैं शिव और शक्ति

Dharam Desk: पंजाब के नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर) जिले के पास स्थित काठगढ़ महादेव मंदिर (Kathgarh Mahadev) एक अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक शिव मंदिर है। यह मंदिर अपनी अनूठी मान्यताओं और शिवलिंग के स्वरूप के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

1. दो भागों में विभाजित शिवलिंग

काठगढ़ महादेव की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ का विशाल शिवलिंग है, जो प्राकृतिक रूप से दो भागों में बंटा हुआ है।

  • बड़ा भाग: इसे भगवान शिव का रूप माना जाता है (लगभग 7-8 फीट ऊँचा)।

  • छोटा भाग: इसे माता पार्वती का रूप माना जाता है (लगभग 5-6 फीट ऊँचा)।

  • चमत्कार: कहा जाता है कि ग्रहों की चाल के अनुसार, इन दोनों भागों के बीच का अंतर कम या ज्यादा होता रहता है। ऋतुओं के अनुसार इनका आकार भी थोड़ा बदलता है।

2. पौराणिक महत्व (रामायण काल)

मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना स्वयं भरत जी (भगवान राम के भाई) ने की थी। जब वे अपने ननिहाल (कैकेय देश) जा रहे थे, तो उन्होंने इसी स्थान पर भगवान शिव की पूजा की थी। कुछ कथाओं के अनुसार, रावण ने भी यहाँ तपस्या की थी।

3. सिकंदर महान का इतिहास

ऐतिहासिक दृष्टि से कहा जाता है कि जब विश्व विजेता सिकंदर (Alexander the Great) भारत आया था, तो वह इस शिवलिंग की महिमा देखकर इतना प्रभावित हुआ कि उसने यहाँ की पूजा की और मंदिर के पास एक ऊंचे चबूतरे का निर्माण करवाया था।

4. भौगोलिक स्थिति

यह मंदिर ब्यास और चक्की नदियों के संगम के पास, मीरथल के पास स्थित है। ऊंचे टीले पर स्थित होने के कारण यहाँ का प्राकृतिक दृश्य बहुत ही शांत और सुंदर है।

5. मुख्य त्योहार

  • महाशिवरात्रि: यहाँ महाशिवरात्रि का पर्व बहुत बड़े स्तर पर मनाया जाता है। दूर-दूर से श्रद्धालु यहाँ जल चढ़ाने आते हैं।

  • सावन का महीना: सावन के दौरान यहाँ भक्तों का भारी जमावड़ा रहता है।

दर्शन का समय

यह मंदिर सुबह से शाम तक खुला रहता है। यदि आप शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की तलाश में हैं, तो काठगढ़ महादेव एक उत्तम स्थान है। यहाँ पहुँचने के लिए पठानकोट या जालंधर से बस या टैक्सी आसानी से मिल जाती है।

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