SPORTS DESK : भारतीय एथलेटिक्स के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। स्टार एथलीट तेजस्विन शंकर ने पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में डेकाथलॉन स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। तेजस्विन ने दो दिनों तक चली दस स्पर्धाओं की कठिन प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 7,976 अंक हासिल किए। उनके लगातार दमदार प्रदर्शन ने उन्हें पोडियम तक पहुंचाया और भारत के नाम इस स्पर्धा का पहला कॉमनवेल्थ पदक दर्ज हो गया।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि डेकाथलॉन को ट्रैक एंड फील्ड की सबसे चुनौतीपूर्ण स्पर्धाओं में गिना जाता है। इसमें खिलाड़ियों को 100 मीटर दौड़, लंबी कूद, शॉटपुट, हाई जंप, 400 मीटर, 110 मीटर हर्डल्स, डिस्कस थ्रो, पोल वॉल्ट, जैवलिन थ्रो और 1500 मीटर दौड़ सहित कुल दस इवेंट में अपनी क्षमता साबित करनी होती है। प्रतियोगिता के बाद तेजस्विन शंकर ने कहा कि यह पदक उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता शुरू होने से पहले उन्हें चोट की समस्या का सामना करना पड़ा था और एक समय ऐसा भी लगा कि शायद वे हिस्सा ही नहीं ले पाएंगे। बावजूद इसके उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और देश के लिए ऐतिहासिक पदक जीतने में सफल रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तेजस्विन शंकर को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए गर्व का क्षण है और तेजस्विन की मेहनत तथा समर्पण देश के युवाओं को प्रेरित करेगा। तेजस्विन शंकर पहले भी भारत के लिए कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। हाई जंप से अपने करियर की शुरुआत करने वाले तेजस्विन ने बाद में डेकाथलॉन में कदम रखा और लगातार सफलता हासिल की। अब कॉमनवेल्थ गेम्स में यह ऐतिहासिक कांस्य पदक उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। भारत के लिए यह दिन एथलेटिक्स में भी यादगार रहा, क्योंकि तेजस्विन के इस प्रदर्शन ने देश के पदकों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ बहु-स्पर्धा प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों की बढ़ती क्षमता को भी दुनिया के सामने साबित किया।


