Punjab Desk: श्री गोइंदवाल साहिब स्थित गुरुद्वारा श्री बाऊली साहिब से मीरी पीरी खालसा मार्च के अगले पड़ाव की रवानगी से पहले आयोजित समागम में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने संगत को संबोधित किया।
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धर्म विरोधी ताकतों से सतर्क रहने की अपील: जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि कुछ ताकतें सिख संस्थाओं, गुरु घर की परंपराओं, गोलकों और पंथिक मर्यादाओं को निशाना बनाकर कौम की एकता को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने संगत से अपील की कि वे श्री अकाल तख्त साहिब की अगुवाई और गुरमत उसूलों से जुड़कर किसी भी तरह के प्रोपेगैंडा से सावधान रहें।
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अकाल तख्त की सर्वोच्चता: SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता के आगे बड़े-बड़े शासक भी झुके हैं। जो अपनी भूल मान लेता है, उसे गुरु घर माफ कर देता है, लेकिन अकाल तख्त की मर्यादा को चुनौती देने वालों को कौम कभी स्वीकार नहीं करती।
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खालसा मार्च का उद्देश्य: उन्होंने बताया कि इस मीरी पीरी खालसा मार्च का मुख्य उद्देश्य संगत को समृद्ध सिख विरासत से जोड़ना और युवाओं को नशों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।
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चौथे दिन का पड़ाव और स्वागत: गुरुद्वारा श्री बाऊली साहिब में अरदास और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप को पालकी साहिब में सुशोभित करने के उपरांत मार्च रवाना हुआ। फतेहाबाद, हरिके, मक्खू, पीर मोहम्मद सहित कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने मार्च का भव्य स्वागत किया। मार्च का रात्रि पड़ाव गुरुद्वारा साहिब पातशाही पहली, डेरा कार सेवा धर्मकोट (मोगा) में रहेगा।
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विशेष आकर्षण: मार्च में शामिल विशेष बस में गुरु साहिबानों व शहीद सिंहों के पवित्र शस्त्र तथा गाड़ियों पर बनी शहीदों की तस्वीरें संगत के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं।
इस अवसर पर SGPC के पूर्व अध्यक्ष स. अलविंदरपाल सिंह पखोके, कनिष्ठ उपाध्यक्ष स. बलदेव सिंह कल्याण, सचिव स. बलविंदर सिंह काहलवां समेत कई प्रमुख धार्मिक व पंथिक शख्सियतें और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।


