Punjab Desk। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस बयान को कि ‘पंजाब के किसी भी मंत्री ने कभी भी सेंटर फॉर रूरल डेवलपमेंट फंड (आरडीएफ) के पैसे के लिए संपर्क नहीं किया’ बहुत गैर-जिम्मेदाराना, गुमराह करने वाला और सरासर झूठ बताया है। वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता झूठ बोलने में माहिर हैं और जनता के सामने हर बात को तोड़-मरोड़कर पेश करते हैं। उन्होंने साफ किया कि पंजाब सरकार ने लगातार और हर प्लेटफॉर्म पर केंद्र सरकार के सामने आरडीएफ फंड का मुद्दा उठाया है।
शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया से बात करते हुए हरपाल चीमा ने आंकड़ों और मीटिंग्स की जानकारी देते हुए कहा कि 28 नवंबर 2024 को उन्होंने खुद कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक के साथ केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी से मुलाकात की थी और 3 प्रतिशत आरडीएफ का पैसा जारी करने की मांग की थी। इसके अलावा 17 जुलाई को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रल्हाद जोशी से मुलाकात की थी और यही मांग दोहराई थी। 10 जनवरी को वित्त मंत्री चीमा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की, जिसके बाद मुख्यमंत्री मान ने 17 जनवरी को वित्त मंत्रीअमित शाह से मुलाकात की। 10 अप्रैल को मुख्यमंत्री फिर कंज्यूमर अफेयर्स और फूड मंत्री प्रहलाद जोशी से मिले और 30 जून को वित्त मंत्री चीमा ने फिर निर्मला सीतारमण से फंड जारी करने की रिक्वेस्ट की।
उन्होंने आगे बताया कि पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवान ने भी लेटर लिखकर केंद्र सरकार को डिमांड भेजी थी। इसके अलावा, जीएसटी काउंसिल की मीटिंग्स में भी यह मुद्दा निर्मला सीतारमण के सामने उठाया गया था और अगस्त 2025 की जीएसटी काउंसिल में इस पर डिटेल में चर्चा हुई थी। हाल ही में, 14 मार्च 2026 को वित्त मंत्री चीमा ने भारत सरकार को ऑफिशियल लेटर भेजकर आरडीएफ का बकाया जारी करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि खुद केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने भरोसा दिलाया था कि वह अमित शाह और निर्मला सीतारमण से मिलकर पंजाब को उसका बनता कानूनी हक दिलाएंगे, लेकिन इसके बावजूद न तो फंड जारी किया गया और न ही कोई पॉजिटिव कदम उठाया गया।
वित्त मंत्री चीमा ने हैरानी जताते हुए कहा कि एक सीनियर केंद्रीय मंत्री, जो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, पंजाब के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। पंजाब का केंद्र सरकार की तरफ कुल ₹9,821 करोड़ का आरडीएफ बकाया है। भारत सरकार एमएसपी पर गेहूं और धान खरीदती है, जिस पर नियमों के मुताबिक 3 प्रतिशत आरडीएफ का पैसा दिया जाता है। केंद्र सरकार पहले पैसे के गलत इस्तेमाल की बात करती थी, जबकि सच यह है कि इसका गलत इस्तेमाल पिछली अकाली-भाजपा सरकार के दौरान हुआ था। आम आदमी पार्टी सरकार ने 2022 में रेगुलर बदलाव किए और तय किया कि आरडीएफ का पैसा सिर्फ और सिर्फ किसानों की मंडियों और गांव की सड़कों को बेहतर बनाने पर खर्च किया जाएगा।
चीमा ने कड़े शब्दों में कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने पंजाब के किसानों और आम जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। अब अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए केंद्रीय मंत्री गुमराह करने वाले प्रोपेगैंडा का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग बहुत जागरूक हैं और वे अच्छी तरह जानते हैं कि भारतीय जनता पार्टी लगातार पंजाब और पंजाबियों के हितों के खिलाफ काम करती रही है।


