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पंजाब में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट नहीं: 12,000 MW की मांग के बावजूद ग्रिड स्थिर, मंत्री संजीव अरोड़ा का बड़ा बयान

चंडीगढ़: पंजाब में पिछले 10 दिनों के भीतर बिजली की मांग 7,900 मेगावाट से बढ़कर 12,000 मेगावाट के पार पहुंच गई है। यह पिछले साल के मुकाबले लगभग 12 प्रतिशत अधिक है। इसके बावजूद, बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने जनता को आश्वस्त किया है कि राज्य में बिजली की कोई कमी नहीं होगी और निर्बाध आपूर्ति (Uninterrupted Supply) जारी रहेगी। पंजाब में बढ़ती गर्मी और बिजली की रिकॉर्ड मांग के बीच भगवंत मान सरकार ने राज्य की जनता को बड़ी राहत दी है। बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने स्पष्ट किया है कि भले ही मांग में भारी उछाल आया है, लेकिन पंजाब का पावर इंफ्रास्ट्रक्चर इसे संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है।

‘मिशन रोशन’ के तहत बदला बिजली का ढांचा

मंत्री अरोड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में 6,000 करोड़ रुपये के निवेश से राज्य के बिजली ढांचे को आधुनिक बनाया गया है। इसके शानदार परिणाम सामने आए हैं:

  • आउटेज में भारी कमी: तकनीकी खराबी के कारण होने वाले बिजली कट (Non-planned Outage) में 70 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

  • रिकॉर्ड सुधार: साल 2025 में जहाँ अप्रैल तक 13,271 आउटेज हुए थे, वहीं 2026 में यह संख्या घटकर केवल 3,974 रह गई है।

देशभर में कमी, पर पंजाब में तैयारी पूरी

जहाँ देश के कई हिस्सों में बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच 13 गीगावाट का अंतर है, वहीं पंजाब ने अग्रिम प्रबंधन के जरिए खुद को सुरक्षित रखा है:

  • अतिरिक्त बिजली का इंतजाम: अन्य राज्यों के साथ बैंकिंग व्यवस्था के जरिए 1,500 से 2,000 मेगावाट बिजली के लिए बातचीत अंतिम चरण में है।

  • केंद्र और निजी स्रोत: केंद्र सरकार के पावर पूल से 2,000 मेगावाट और निजी स्रोतों से 1,500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली लेने की तैयारी है।

  • हाइडल प्लांट की बहाली: 2025 की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए प्लांटों को ठीक किया जा रहा है, जिससे जल्द ही 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलेगी।

मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के आंकड़े:

सरकार ने ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने के लिए युद्धस्तर पर काम किया है:

  1. 70 नए सब-स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं और 200 का अपग्रेडेशन जारी है।

  2. 41,000 नए डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर (DT) लगाए गए हैं।

  3. 688 फीडरों को डी-लोड किया गया है ताकि ओवरलोडिंग की समस्या न हो।

  4. व्हीलिंग चार्ज में छूट: शाम 6 से सुबह 6 बजे तक बिजली उपलब्धता बढ़ाने के लिए विशेष रियायतें दी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश: “जनता को न हो परेशानी”

बिजली मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूरी टीम को ‘मिशन मोड’ में काम करने को कहा है। पीएसपीसीएल (PSPCL) की टीमें दिन-रात तैनात हैं ताकि घरेलू, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों को बिना किसी रुकावट के बिजली मिलती रहे। पंजाब आज चरम मांग (Peak Demand) को मैनेज करने में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है

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