Punjab News: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के स्वास्थ्य और शिक्षा मॉडल पर निशाना साधा है। चन्नी ने आरोप लगाया कि सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत हैं। उन्होंने सरकारी योजनाओं के फंड के इस्तेमाल और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सवाल उठाए
सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर गंभीर आरोप
चन्नी ने दावा किया कि जालंधर के एक सरकारी अस्पताल में कथित तौर पर ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने से तीन मरीजों की मौत हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जांच और पोस्टमार्टम कराने के बजाय मौत की वजह हार्ट अटैक बताकर मामले को दबाने की कोशिश की गई। चन्नी ने सवाल उठाया कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
₹542 करोड़ के फंड को लेकर सरकार पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने 15वें वित्त आयोग से पंजाब को मिले करीब ₹542 करोड़ के फंड के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक यह राशि गांवों में जल निकासी और विकास कार्यों के लिए थी, लेकिन आरोप है कि इसे बिजली बोर्ड को ट्रांसफर कर दिया गया। चन्नी ने इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए सरकार से फंड के इस्तेमाल का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।
आयुष्मान योजना के भुगतान को लेकर प्राइवेट अस्पतालों से विवाद
चन्नी ने आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों को किए जा रहे भुगतान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि योजना के तहत बड़ी संख्या में क्लेम सरकारी अस्पतालों के खातों में ट्रांसफर किए गए, जबकि निजी अस्पतालों के भुगतान लंबे समय से लंबित हैं। उनके अनुसार भुगतान नहीं होने के कारण कई निजी अस्पतालों ने आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का इलाज करना बंद कर दिया है।
गुजरात दौरे को लेकर केजरीवाल पर निशाना
अरविंद केजरीवाल के गुजरात दौरे और पंजाब मॉडल के प्रचार पर चन्नी ने कहा कि गुजरात के लोगों को केवल विज्ञापनों के आधार पर पंजाब की तस्वीर नहीं देखनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के कई सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उनके मुताबिक कुछ स्कूलों में पर्याप्त बेंच, पीने का पानी, टॉयलेट और शिक्षक तक उपलब्ध नहीं हैं, जबकि कई स्कूलों में एक ही शिक्षक के भरोसे पढ़ाई चल रही है।
कांग्रेस के प्रोजेक्ट्स की ‘री-ब्रांडिंग’ का आरोप
चन्नी ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार कांग्रेस शासन के दौरान शुरू किए गए कई प्रोजेक्ट्स को नए नाम देकर अपना बताने की कोशिश कर रही है। उन्होंने खरड़ में करीब ₹12 करोड़ की लागत से तैयार मॉडल स्कूल और दो एसी स्कूलों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये प्रोजेक्ट लंबे समय से तैयार हैं, लेकिन सरकार ने इनमें जरूरी फर्नीचर तक नहीं लगाया।
चन्नी ने दावा किया कि बाद में इन स्कूलों पर ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ के बोर्ड लगाए गए और पुराने काम को नए नाम के साथ पेश किया गया।
‘अफसरों पर दबाव डालकर छिपाए जा रहे आंकड़े’
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी बैठकों में अधिकारी दबाव के कारण जमीनी स्थिति के सही आंकड़े सामने नहीं रख पाते। उन्होंने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास कार्यों से जुड़े आंकड़ों को सार्वजनिक करना चाहिए, ताकि पंजाब की जनता खुद सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर देख सके।
चन्नी ने पंजाब सरकार से स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े अपने दावों पर जवाब देने तथा सरकारी फंड के इस्तेमाल की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।


