नई दिल्ली। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन ध्रुव जुरैल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 115 रन की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने अपने आक्रामक अंदाज के लिए मशहूर ऋषभ पंत के साथ 112 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। पंत ने भी अपने चिर-परिचित अंदाज में 63 रन बनाए।
दिन का खेल खत्म होने के बाद जुरैल ने कहा कि पंत जैसे अनुभवी और आक्रामक बल्लेबाज के साथ बल्लेबाजी करना उनके लिए सीखने का शानदार मौका है। उन्होंने कहा कि पंत ने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। इसलिए जब पंत क्रीज पर होते हैं तो वह उनसे लगातार सलाह लेते हैं और अलग-अलग परिस्थितियों में क्या करना चाहिए, इस बारे में उनसे पूछते रहते हैं।
पंत की शैली अपनाना संभव नहीं: जुरैल
जुरैल से जब पूछा गया कि क्या पंत की आक्रामक बल्लेबाजी देखकर उनका भी उसी अंदाज में खेलने का मन करता है, तो उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में हर खिलाड़ी का अपना अलग तरीका होता है। अलग-अलग शैली ही इस खेल को और बेहतर बनाती है।
जुरैल ने साफ कहा कि वह पंत की तरह बल्लेबाजी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि पंत बचपन से ही इसी आक्रामक अंदाज में क्रिकेट खेलते आए हैं। उनके साथ बल्लेबाजी करना शानदार अनुभव है, लेकिन वह उनकी शैली की नकल नहीं कर सकते।
शतक माता-पिता को किया समर्पित
ध्रुव जुरैल ने अपने टेस्ट करियर का दूसरा शतक पूरा करने के बाद इसे अपने माता-पिता को समर्पित किया। उनकी नाबाद 115 रन की पारी ने न केवल भारतीय पारी को मजबूती दी, बल्कि यह भी दिखाया कि वह परिस्थितियों के अनुसार अपने खेल को ढालते हुए अपनी स्वाभाविक शैली और आत्मविश्वास पर भरोसा कर सकते हैं।


