नई दिल्ली / चंडीगढ़: मोदी सरकार में रेल राज्य मंत्री रहे रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इस संबंध में राष्ट्रपति भवन की ओर से आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद दिया इस्तीफा
रवनीत सिंह बिट्टू संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) के सदस्य थे, जिनका कार्यकाल 21 जून को पूरा हो चुका था।
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जून में हुए राज्यसभा चुनाव में उन्हें दोबारा मैदान में नहीं उतारा था।
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कार्यकाल समाप्त होने के लगभग एक महीने बाद अब प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार किया है।
केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल और पंजाब में नई जिम्मेदारी की चर्चा
रवनीत बिट्टू का इस्तीफा और भाजपा द्वारा उन्हें दोबारा राज्यसभा न भेजने को पार्टी की भावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में काफी समय से केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल और बिट्टू के मंत्री पद छोड़ने की चर्चाएं चल रही थीं। माना जा रहा है कि भाजपा पंजाब में अपने संगठन को मजबूत करने के लिए रवनीत सिंह बिट्टू को राज्य की सक्रिय राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है, ताकि आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी की पकड़ को और मजबूत किया जा सके।


