ENTERTAINMENT DESK : दिवंगत अभिनेता प्रदीप रावत की प्रार्थना सभा में उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह रावत अपने पिता को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि पिता के बारे में जितना भी कहा जाए, वह कम ही होगा। विक्रमादित्य ने अपने पिता को सम्मान और गरिमा वाला इंसान बताते हुए उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। प्रदीप रावत का इस सप्ताह 74 वर्ष की उम्र में ब्लड कैंसर से संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन हुआ था। उनके निधन के बाद परिवार, दोस्तों और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग मुंबई में आयोजित प्रार्थना सभा में उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
प्रार्थना सभा के बाद समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में विक्रमादित्य ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि अगर उन्हें भगवान से दोबारा पिता चुनने का अवसर मिले, तो वह फिर प्रदीप रावत का ही नाम लेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता चाहते थे कि वह एक दिन परिवार का नाम रोशन करें। विक्रमादित्य ने कहा कि वह अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाना चाहते हैं और उसे और बड़ा बनाने की कोशिश करेंगे। उनके इस भावुक बयान से साफ था कि पिता के निधन का दुख उनके लिए कितना गहरा है।
फिल्म इंडस्ट्री ने भी दी श्रद्धांजलि
प्रदीप रावत के साथ काम कर चुके कई कलाकारों ने प्रार्थना सभा में उनकी यादें साझा कीं। अभिनेता रघुबीर यादव ने उनके निधन को इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति बताया और कहा कि उनकी प्रतिभा और यादें हमेशा लोगों के बीच जीवित रहेंगी। वहीं, अभिनेता मुकेश ऋषि ने प्रदीप रावत के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद किया। दोनों की मुलाकात फिल्म सरफरोश के दौरान हुई थी और बाद में उन्होंने हिंदी के साथ-साथ दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी साथ काम किया।
चार दशक लंबा रहा फिल्मी सफर
प्रदीप रावत ने करीब चार दशकों तक सिनेमा में काम किया। उन्हें ‘गजनी’ में निभाए खलनायक के किरदार के लिए खास तौर पर याद किया जाता है। इसके अलावा उन्होंने ‘लगान’, ‘सरफरोश’, ‘नायक’, ‘स्ये’ और ‘छावा’ जैसी फिल्मों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। हिंदी के साथ उन्होंने तेलुगु और तमिल फिल्मों में भी काम किया। अभिनेता के परिवार में उनकी पत्नी कल्याणी रावत और बेटे विक्रमादित्य रावत हैं। उनके निधन के बाद फिल्म जगत में उनके सहकर्मियों और प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।


