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बाल विवाह के विरुद्ध मान सरकार की बड़ी सफलता, एक साल में रोके गए 64 विवाह; 2,000 से अधिक अधिकारियों की फौज तैनात

चंडीगढ़ : पंजाब सरकार द्वारा राज्य से बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को पूरी तरह समाप्त करने के लिए निरंतर, सशक्त और परिणामोन्मुखी प्रयास किए जा रहे हैं। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने सरकार की बाल-केंद्रित और नीतिगत दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए साझा की।
इस संबंध में विवरण देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बच्चों की सुरक्षा और हितों को सुरक्षित रखने के लिए समय पर हस्तक्षेप सुनिश्चित करते हुए पंजाब सरकार की कार्रवाई से बाल विवाह के 64 मामलों को सफलतापूर्वक रोका गया है। उन्होंने कहा, “ये हस्तक्षेप मान सरकार के बच्चों के अधिकारों और उनके भविष्य पर मंडराते खतरों से निपटने के लिए त्वरित और निर्णायक कार्रवाई के दृढ़ संकल्प को दर्शाते हैं।”
इस सामाजिक अभियान में आम लोगों की सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए मंत्री ने कहा, “बाल विवाह की किसी भी घटना की जानकारी बिना किसी झिझक के नजदीकी बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी से संपर्क करके या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कॉल करके दी जा सकती है, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित कर बच्चों की सुरक्षा की जा सके।”
मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आगे बताया कि पंजाब में बाल विवाह रोकथाम के लिए नियुक्त सभी अधिकारियों का विवरण भारत सरकार के राष्ट्रीय बाल विवाह उन्मूलन पोर्टल पर अपलोड किया गया है, जिससे पारदर्शिता और जनता की आसान पहुंच सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा, “इससे लोग संबंधित अधिकारियों तक शीघ्र और प्रभावी ढंग से पहुंच बना सकते हैं।”
राज्य द्वारा किए गए प्रशासनिक उपायों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने और बाल विवाह को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से पूरे पंजाब में जिला एवं ब्लॉक स्तर पर 2,076 बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा, “ये अधिकारी सक्रिय रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और इस सामाजिक बुराई को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि सामाजिक सुरक्षा विभाग के अधीन सभी जिलों के बाल विकास परियोजना अधिकारियों तथा सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के प्रिंसिपलों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के रूप में नामित किया गया है। डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “यह विस्तृत नेटवर्क स्थानीय स्तर पर सतर्कता सुनिश्चित करता है और प्रारंभिक चरण में ही हस्तक्षेप करने की हमारी रणनीति को मजबूत करता है।”
सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनके भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने तथा समयबद्ध और परिणामोन्मुखी उपायों के माध्यम से राज्य को बाल विवाह से पूर्णतः मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह सक्रिय और प्रतिबद्ध है।

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