चंडीगढ़। हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की 21 और 22 सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल को लेकर मंगलवार देर शाम परिवहन मंत्री अनिल विज और रोडवेज यूनियन प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद हालात कुछ नरम पड़ते नजर आ रहे हैं। बैठक में कर्मचारियों की कई मांगों पर सहमति बनी और मंत्री ने उन्हें एक महीने के भीतर पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद यूनियन ने फिलहाल हड़ताल पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
यूनियन पदाधिकारियों के मुताबिक, परिवहन मंत्री के साथ बातचीत सकारात्मक रही। मंत्री ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को जल्द पूरा करने का भरोसा दिलाया है। हालांकि हड़ताल स्थगित करने या उसे जारी रखने का फैसला अब सभी जिलों के प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद ही किया जाएगा।
लंबे समय से मांगों को लेकर आंदोलन
रोडवेज कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों ने विभिन्न स्थानों पर धरने और प्रदर्शन किए हैं। इसके अलावा अपनी मांगों को लेकर परिवहन मंत्री के आवास का घेराव भी किया गया था। समाधान नहीं होने पर यूनियन ने 21 और 22 सितंबर को दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया था।
सिरसा में भी रोडवेज यूनियनों ने बैठक से एक दिन पहले सोमवार को महाप्रबंधक अजय दलाल को मांग पत्र सौंपा था। इसमें कर्मचारियों की मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए चेतावनी दी गई थी कि समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
ड्राइवर-कंडक्टर से जुड़े विवादों का मुद्दा भी उठा
बैठक के दौरान बस चालकों और परिचालकों के साथ यात्रियों या अन्य लोगों के विवाद का मुद्दा भी उठाया गया। यूनियन के अनुसार, ऐसे मामलों के समाधान के लिए प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आश्वासन परिवहन मंत्री ने दिया है।
यूनियन नेताओं का कहना है कि बसों में विवाद होने के बाद कई बार कर्मचारियों को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में यूनियन पदाधिकारियों को थाने से लेकर जमानत तक की प्रक्रिया में शामिल होना पड़ता है। नोडल अधिकारी की नियुक्ति से कर्मचारियों को इन मामलों में राहत मिलने की उम्मीद है।
जिलों की बैठक के बाद तय होगी हड़ताल की दिशा
यूनियन ने साफ किया है कि मंगलवार की बैठक के बाद हड़ताल खत्म करने या स्थगित करने का अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अब सभी जिलों के प्रतिनिधियों से बैठक में हुई बातचीत और मंत्री के आश्वासन पर चर्चा की जाएगी।
इसके बाद ही तय होगा कि 21-22 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल होगी या उसे स्थगित किया जाएगा। फिलहाल परिवहन मंत्री के साथ हुई सकारात्मक बातचीत से आंदोलन की दिशा जरूर बदली है, लेकिन अंतिम निर्णय जिलों की राय सामने आने के बाद ही होगा।


