कैथल। धान कटाई का सीजन शुरू होने से पहले कैथल प्रशासन ने फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रशासन ने इस बार पराली जलाने के मामलों को शून्य तक लाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ खेतों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
एडीसी डॉ. सुशील कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान कटाई के दौरान फसल अवशेष जलाने की संभावनाओं को देखते हुए कृषि विभाग के साथ अन्य विभागों के कर्मचारियों की भी फील्ड में ड्यूटी लगाई जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्र में लगातार निगरानी रखें और आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी रणनीति के तहत काम करें।
उन्होंने गांव स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के फायदे बताने पर जोर दिया। किसानों को पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध कृषि मशीनरी की जानकारी देने के साथ सरकार की ओर से दी जा रही 1200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
एडीसी ने अधिकारियों से कहा कि किसानों के साथ समन्वय बनाकर उन्हें फसल अवशेष न जलाने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रशासन का प्रयास है कि जागरूकता, निगरानी और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के जरिए इस सीजन में पराली जलाने की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।


