चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन, भगवान विश्वकर्मा जयंती और सेवा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने योजना का दायरा बढ़ाने की घोषणा की। इसके तहत अब अधिक आय सीमा वाले परिवारों की पात्र महिलाओं को भी योजना में शामिल किया जाएगा।
दूसरे चरण के तहत नए लाभार्थियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 17 सितंबर से शुरू हो गई है। सरकार का कहना है कि आय सीमा बढ़ने से पहले की तुलना में अधिक महिलाएं योजना के दायरे में आ सकेंगी।
आय सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 1.80 लाख
पहले योजना के तहत पात्रता के लिए परिवार की वार्षिक आय की सीमा 1 लाख रुपये निर्धारित थी। अब इसे बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये सालाना कर दिया गया है।
आधिकारिक योजना विवरण के अनुसार, पात्र महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना में पात्रता के लिए 23 वर्ष या उससे अधिक आयु समेत अन्य निर्धारित शर्तें लागू हैं।
17 सितंबर से नए आवेदन शुरू
दूसरे चरण में नई आय सीमा के तहत पात्र बनने वाली महिलाओं के लिए पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने पात्र महिलाओं से योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने की अपील की है।
हरियाणा में सरकारी योजनाओं और सेवाओं के लिए SARAL व्यवस्था का उपयोग किया जाता है। लाडो लक्ष्मी योजना से संबंधित जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के निर्देश सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से जारी किए गए हैं।
हर महीने मिलेगी 2,100 रुपये की सहायता
योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। आधिकारिक प्रावधानों के अनुसार पात्र महिला को प्रतिमाह 2,100 रुपये की सहायता मिलेगी।
सरकार के अनुसार यह आर्थिक सहायता महिलाओं को अपनी जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी और उन्हें आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करेगी।
कुछ महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ
योजना में पात्रता के साथ अपात्रता की शर्तें भी लागू हैं। आधिकारिक नियमों के अनुसार, ऐसी महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलेगा जो पहले से निर्धारित सामाजिक सुरक्षा वित्तीय सहायता योजनाओं में से किसी का लाभ ले रही हैं।
इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, विधवा एवं निराश्रित महिला सहायता सहित कुछ अन्य योजनाएं शामिल हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले योजना की पात्रता और अपात्रता से जुड़ी शर्तों की जांच करना जरूरी है।
बढ़ी आय सीमा से बढ़ेगा दायरा
दूसरे चरण में परिवार की वार्षिक आय सीमा बढ़ाए जाने से योजना का कवरेज बढ़ाने का प्रयास किया गया है। सरकार इसे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा से जोड़कर देख रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार माताओं और बहनों के सम्मान, स्वाभिमान और आर्थिक मजबूती के लिए लगातार योजनाओं का विस्तार कर रही है। 17 सितंबर से शुरू हुए दूसरे चरण के साथ नई आय सीमा के तहत पात्र महिलाओं के लिए योजना में पंजीकरण का रास्ता खुल गया है।


