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हरियाणा में कल से गेहूं की सरकारी खरीद का आगाज़: मंडियों में तैयारियां पूरी

Haryana Desk: हरियाणा में रबी सीजन के तहत गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू होने जा रही है, जो 15 मई तक चलेगी। अंबाला शहर की अनाज मंडी में किसानों की सुविधा के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। सड़कों की मरम्मत, लाइटिंग और साफ-सफाई का काम पूरा कर लिया गया है।

इस बार की खरीद प्रक्रिया और व्यवस्थाओं की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

खरीद एजेंसियां और समय सारिणी अंबाला मंडी में इस बार दो प्रमुख एजेंसियां—हैफेड (HAFED) और डीएफएससी (DFSC)—गेहूं की खरीद करेंगी। सरकार के निर्देशानुसार, दोपहर के समय गेहूं की तुलाई और खरीद होगी, जबकि रात के समय मंडी से अनाज की लिफ्टिंग (उठान) का कार्य किया जाएगा ताकि भीड़भाड़ से बचा जा सके।

धांधली रोकने के लिए सख्त नियम मंडी में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस बार नियमों को कड़ा किया गया है:

  • बायोमेट्रिक अनिवार्य: फसल बेचने के लिए किसान का बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी होगा।

  • ट्रैक्टर नंबर प्लेट: गेट पास के लिए ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट अनिवार्य है। हालांकि, किसानों को राहत देते हुए ट्रैक्टर पर नंबर हाथ से लिखने की छूट भी दी गई है।

  • पंजीकरण: ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ (MFMB) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ ‘ई-खरीद’ ऐप के जरिए डिजिटल गेट पास लेना अनिवार्य होगा।

किसानों के लिए सुविधाएं और सहायता केंद्र मंडी परिसर में किसानों की मदद के लिए एक विशेष सहायता केंद्र स्थापित किया गया है। यदि पोर्टल या तकनीकी कारणों से कोई समस्या आती है, तो तैनात अधिकारी तुरंत समाधान करेंगे। इसके अलावा, किसानों के ठहरने के लिए रेस्ट हाउस और पीने के ठंडे पानी के लिए वाटर कूलरों को सुचारू कर दिया गया है।

अटल कैंटीन: 10 रुपये में भोजन मंडी में आने वाले किसानों और मजदूरों के लिए ‘अटल कैंटीन’ की सुविधा उपलब्ध है, जहाँ मात्र 10 रुपये में भरपेट खाना मिलता है। हालांकि, वर्तमान में गैस की कमी के कारण यहाँ खाना चूल्हे पर बनाया जा रहा है, जिससे काम करने वाली महिलाओं को धुएं के कारण परेशानी हो रही है।

अपील और संपर्क मंडी चेयरमैन जसविंदर सिंह ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि प्रशासन उनकी हर समस्या का समाधान करने के लिए मौके पर मौजूद रहेगा। किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी फसल लाने से पहले सभी डिजिटल औपचारिकताएं पूरी कर लें ताकि मंडी में उन्हें लंबा इंतजार न करना पड़े।

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