रोहतक। हरियाणा में नगर पालिका और नगर निगम कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर माहौल गरमा गया है। रोहतक में कर्मचारी संघ की बैठक के दौरान सरकार के साथ हुए पिछले समझौते को पूरी तरह लागू नहीं किए जाने पर कर्मचारियों ने नाराजगी जताई। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो मंगलवार से प्रदेशव्यापी हड़ताल दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जा सकता है।
पुरानी मांगों पर नहीं हुआ पूरा अमल
कर्मचारी भवन में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के फायर विभाग और नगर निगम सफाई कर्मचारियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने की। इस दौरान पिछली हड़ताल के बाद सरकार के साथ हुए समझौते और उस पर अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा की गई।
कर्मचारी नेताओं के मुताबिक, सरकार के साथ वार्ता के दौरान कई मांगों पर सहमति बनी थी। इनमें कच्चे कर्मचारियों को निर्धारित समय में नियमित करना, नियमित पदों पर भर्ती करना और ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से नियुक्त करना प्रमुख मांगें थीं। इसके अलावा कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी थी।
निलंबित और केस झेल रहे कर्मचारियों की बहाली पर नाराजगी
बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा उन कर्मचारियों की बहाली का रहा, जिनके खिलाफ पिछली हड़ताल के दौरान मामले दर्ज किए गए थे या जिन्हें निलंबित कर दिया गया था। कर्मचारी नेताओं का दावा है कि मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के साथ हुई बातचीत में इन कर्मचारियों को बहाल करने पर सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक सभी प्रभावित कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस नहीं लिया गया है।
सोमवार तक का अल्टीमेटम, मंगलवार से आंदोलन की तैयारी
प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने अधिकारियों पर समझौते को लागू करने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रभावित सभी कर्मचारियों को सोमवार तक बहाल किया जाना चाहिए। कर्मचारी इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठाएंगे।
कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय सीमा में समाधान नहीं हुआ तो मंगलवार से पूरे प्रदेश में फिर से हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया जा सकता है। हड़ताल की स्थिति में नगर निगमों और नगर पालिकाओं की सफाई व्यवस्था सहित कई जरूरी सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।


