चंडीगढ़: हरियाणा सरकार राज्य में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने और हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) और वैश्विक स्तर की आधुनिक तकनीकों का सहारा लेने जा रही है। इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विश्व बैंक (World Bank) के अधिकारियों के साथ बैठक कर ‘एयर क्वालिटी डिसीजन सपोर्ट सिस्टम’ विकसित करने में तकनीकी और वित्तीय सहयोग का अनुरोध किया है।
चीन के मॉडल का अध्ययन
बुधवार को विश्व बैंक के प्रतिनिधियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में चीन के अध्ययन दौरे से लौटे राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों ने वहां वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए इस्तेमाल की जा रही आधुनिक प्रणालियों की रिपोर्ट साझा की है। हरियाणा सरकार अपने ‘क्लीन एयर प्रोग्राम’ के तहत चीन में अपनाए जा रहे सफल मॉडलों और एआई-आधारित समाधानों को राज्य में लागू करने की योजना बना रही है।
डिजिटल गवर्नेंस और डेटा-आधारित प्रशासन पर जोर
बैठक के दौरान केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि राज्य में डिजिटल गवर्नेंस, कौशल विकास (Skill Development) और डेटा-आधारित प्रशासन को बढ़ावा देने पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
“आम नागरिक के जीवन को आसान बनाना ही तकनीक का उद्देश्य”
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि सरकार के लिए तकनीक केवल नवाचार (Innovation) तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा:
“तकनीक का असली लाभ तभी है जब वह आम नागरिक के जीवन को सुगम बनाए। हमारा उद्देश्य सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी बनाना है ताकि अंतिम व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंच सके।”


