चंडीगढ़: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद सभा स्थल पर कथित तौर पर हवन और गंगाजल का छिड़काव कर शुद्धिकरण किए जाने के मामले ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने इस घटना को लेकर भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है।
हरियाणा से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कथित घटना को शर्मनाक और निंदनीय बताते हुए कहा कि देश को ऐसी सांप्रदायिक और जातिवादी सोच का ‘शुद्धिकरण’ करने की जरूरत है, जो समाज में विभाजन पैदा करती है।
सभा के बाद शुद्धिकरण का आरोप
कांग्रेस की ओर से जारी बयान में दावा किया गया है कि खड़गे की जनसभा समाप्त होने के बाद भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों ने सभा स्थल पर हवन कराया और गंगाजल का छिड़काव किया। कांग्रेस ने इसे संकीर्ण मानसिकता का उदाहरण बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक और वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सभा के बाद स्थल को कथित तौर पर अशुद्ध मानकर उसका शुद्धिकरण करना बेहद आपत्तिजनक है।
‘ऐसी सोच समाज को पीछे ले जाती है’
हुड्डा ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए ऐसी मानसिकता से बाहर निकलना जरूरी है। उनके मुताबिक, इस तरह की घटनाएं समाज में विभाजन और आपसी वैमनस्य को बढ़ावा देती हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन उसे जाति और धर्म के आधार पर पेश करना सामाजिक सौहार्द के लिए नुकसानदायक है।
भाजपा नेतृत्व से माफी की मांग
कांग्रेस ने इस मामले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रधानमंत्री से देश से माफी मांगने की मांग की है। पार्टी ने कथित तौर पर शुद्धिकरण करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई है।
कांग्रेस ने भाजपा नेतृत्व से हल्द्वानी की घटना पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विचारों का विरोध स्वीकार्य है, लेकिन किसी नेता की सभा के बाद कथित रूप से शुद्धिकरण जैसी कार्रवाई सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है।


