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9 घंटे की जंग के बाद बोरवेल से सुरक्षित निकाला गया 3 साल का गुरकरण, कैबिनेट मंत्री ने खुद संभाला मोर्चा

होशियारपुर: पंजाब के होशियारपुर में शुक्रवार शाम को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब खेलते-खेलते एक 3 साल का मासूम बच्चा खुले पड़े गहरे बोरवेल में जा गिरा। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बच्चे के परिजनों की सांसें अटक गईं। लेकिन ईश्वर की कृपा और एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) व पंजाब पुलिस के करीब 9 घंटे के कड़े संघर्ष के बाद आधी रात को मासूम को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

खेलते समय बोरवेल में फिसला पैर

हादसे का शिकार हुए मासूम बच्चे का नाम गुरकरण है। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे गुरकरण अपने घर के पास ही खेल रहा था। इसी दौरान पास में ही खोदे गए एक गहरे बोरवेल की तरफ उसका पैर फिसल गया और वह सीधे नीचे जा गिरा। चीख-पुकार सुनकर परिजन और स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हुए और तुरंत इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी गई।

9 घंटे तक चला सांसें रोक देने वाला रेस्क्यू ऑपरेशन

होशियारपुर की डिप्टी कमिश्नर (DC) आशिका जैन ने बताया कि शाम 4 बजे जैसे ही घटना की सूचना मिली, प्रशासनिक अमला तुरंत एक्शन मोड में आ गया। बिना समय गंवाए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को मौके पर तैनात किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी निगरानी में बेहद सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। आखिरकार रात को लगभग 12:40 बजे, 9 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गुरकरण को बोरवेल से सकुशल बाहर निकाल लिया गया। बच्चे को सुरक्षित देखते ही परिजनों और वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए।

कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने खुद संभाला मोर्चा

इस संवेदनशील रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह भी लगातार मौके पर डटे रहे। बच्चे के सुरक्षित बाहर आने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट साझा कर राहत जताई।

कैबिनेट मंत्री ने लिखा:

“हमारे निर्वाचन क्षेत्र के गांव ‘चक समाना कुल्लियां’ में एक बेहद चिंताजनक घटना घटी, जहां तीन साल का एक मासूम बच्चा बोरवेल में गिर गया था। लेकिन ईश्वर की कृपा और प्रशासन की तत्परता से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।”

उन्होंने आगे बताया कि बच्चे को तुरंत सिविल अस्पताल, होशियारपुर में दाखिल करवाया गया है। डॉक्टरों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि बच्चे की देखभाल और इलाज में कोई भी कमी न छोड़ी जाए। इसके साथ ही उन्होंने रेस्क्यू टीम के हौसले और स्थानीय लोगों के सहयोग का दिल से आभार व्यक्त किया।

बड़ा हादसा टला, डॉक्टरों की निगरानी में है मासूम

बोरवेल से निकालने के तुरंत बाद गुरकरण को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां सीनियर डॉक्टरों की टीम उसकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमों की जमकर तारीफ की और कहा कि यदि समय रहते सही फैसला न लिया जाता, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

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