Category: Punjab

  • तरनतारन: शादी समारोह में खूनी खेल, AAP सरपंच की गोली मारकर हत्या

    तरनतारन: शादी समारोह में खूनी खेल, AAP सरपंच की गोली मारकर हत्या

    Punjab Desk: ताजा मामला जिला तरनतारन के गांव सेरों का है, जहां बुधवार को एक विवाह समारोह के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के सरपंच गुरबरिंदर सिंह उर्फ हैपी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। इस हमले में सरपंच का चचेरा भाई भी गंभीर रूप से घायल हुआ है।

    खुशी का माहौल मातम में बदला
    गांव ठठियां महंतां निवासी किसान सेवा सिंह के बेटे गुरसेवक सिंह का विवाह समारोह सिद्धू फार्म में चल रहा था। आनंद कारज की रस्म पूरी हो चुकी थी और मेहमान डीजे की धुनों पर जश्न मना रहे थे। इसी बीच, अमृतधारी सरपंच गुरबरिंदर सिंह अपने रिश्तेदारों के साथ बैठकर खाना खा रहे थे, तभी काल बनकर आए हमलावरों ने उन पर हमला बोल दिया।

    वारदात का तरीका: बेखौफ आए शूटर
    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे:
    सुनियोजित हमला: दो युवक बाइक पर सवार होकर पैलेस के बाहर पहुंचे।

     सीधा निशाना: उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के पैलेस के अंदर प्रवेश किया।

    ताबड़तोड़ फायरिंग: हमलावरों ने पीछे से सरपंच पर गोलियों की बौछार कर दी और मौके से फरार हो गए।

    अस्पताल में घोषित किया मृत
    फायरिंग के बाद पैलेस में भगदड़ मच गई। सरपंच और उनके घायल भाई को तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने गुरबरिंदर सिंह को मृत घोषित कर दिया। घायल भाई का उपचार जारी है।

    पुलिस की कार्रवाई और जांच
    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे:

    • अधिकारी: डीएसपी जगबीर सिंह, कमलजीत सिंह औलख और सीआईए इंचार्ज प्रभजीत सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया।
    •  नाकाबंदी: पूरे इलाके और पैलेस को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया है।
    •  साक्ष्य: पुलिस पैलेस और आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
  • मूसेवाला हत्याकांड में बड़ी कामयाबी: 4 साल बाद रेकी करने वाला ‘बॉबी कबूतर’ गुरुग्राम से गिरफ्तार

    मूसेवाला हत्याकांड में बड़ी कामयाबी: 4 साल बाद रेकी करने वाला ‘बॉबी कबूतर’ गुरुग्राम से गिरफ्तार

    Punjab Desk: सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को एक बड़ी कामयाबी मिली है। हत्या के करीब 4 साल बाद पुलिस ने मोस्ट वांटेड अपराधी बॉबी उर्फ ‘कबूतर’ को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया है। बॉबी पर आरोप है कि उसने गायक की हत्या से पहले उनकी गतिविधियों की रेकी (निगरानी) की थी।

    साजिश का नया खुलासा पुलिस जांच के अनुसार, बॉबी कबूतर उस शूटर शाहरुख के लगातार संपर्क में था, जिसे शुरुआत में सिद्धू मूसेवाला की हत्या का जिम्मा सौंपा गया था। हालांकि, वारदात के पहले प्रयास के दौरान जब शाहरुख ने मूसेवाला के साथ AK-47 से लैस सुरक्षाकर्मियों को देखा, तो वह डरकर पीछे हट गया। इसके बाद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क ने अपनी योजना बदली और नए शूटरों की टीम तैयार कर इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया।

    4 साल बाद गिरफ्तारी सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले के जवाहरके गांव में की गई थी। इस हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। लंबे समय से फरार चल रहे बॉबी की गिरफ्तारी इस मामले में एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। दिल्ली पुलिस अब आरोपी से यह उगलवाने की कोशिश कर रही है कि साजिश में और कौन से सफेदपोश या अपराधी शामिल थे।

    अधिकारियों का मानना है कि बॉबी से पूछताछ के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के नेटवर्क और रेकी से जुड़े कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। पंजाब पुलिस और दिल्ली पुलिस की टीमें इस मामले में पहले ही कई बड़े गैंगस्टरों और शूटरों को सलाखों के पीछे भेज चुकी हैं।

  • धमकी भरा ई-मेल और 1:11 बजे का अल्टीमेटम: जानें CM भगवंत मान की सुरक्षा से जुड़ी इस बड़ी अफवाह का पूरा सच

    धमकी भरा ई-मेल और 1:11 बजे का अल्टीमेटम: जानें CM भगवंत मान की सुरक्षा से जुड़ी इस बड़ी अफवाह का पूरा सच

    Punjab Desk: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और सुरक्षा एजेंसियों के लिए मंगलवार का दिन बेहद तनावपूर्ण रहा, जब एक अज्ञात ई-मेल के जरिए उन्हें बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इस खबर के मिलते ही पूरे राज्य में हड़कंप मच गया, लेकिन सुरक्षा बलों की सघन जांच के बाद इसे पूरी तरह से ‘अफवाह’ घोषित कर दिया गया है।

    धमकी और सुरक्षा घेरा मंगलवार सुबह एक गुमनाम ई-मेल प्राप्त हुआ था, जिसमें स्पष्ट रूप से दावा किया गया था कि दोपहर ठीक 1:11 बजे एक बड़ा धमाका किया जाएगा। इस इनपुट के मिलते ही पंजाब पुलिस और इंटेलिजेंस विंग तुरंत हरकत में आ गई। विशेष रूप से मोहाली और चंडीगढ़ के संवेदनशील इलाकों और मुख्यमंत्री के सुरक्षा घेरे को अभेद्य कर दिया गया। पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई।

    जांच और वर्तमान स्थिति सुरक्षा एजेंसियों ने ई-मेल में बताए गए समय (1:11 PM) के बीत जाने और व्यापक तलाशी अभियान के बाद पुष्टि की कि कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या खतरा नहीं मिला है। अब पुलिस की साइबर सेल सक्रिय हो गई है और उस ई-मेल आईडी को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है, जहां से यह शरारतपूर्ण संदेश भेजा गया था।

    अधिकारियों ने सख्त लहजे में कहा है कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा एक गंभीर विषय है और इस तरह की अफवाह फैलाकर दहशत पैदा करने वाले शरारती तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • पंजाब में टिकट बेच दिए गए’: नवजोत कौर सिद्धू ने राहुल गांधी को सुनाई खरी-खरी

    पंजाब में टिकट बेच दिए गए’: नवजोत कौर सिद्धू ने राहुल गांधी को सुनाई खरी-खरी

    Punjab Desk: पूर्व कांग्रेस विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। हाल ही में कांग्रेस का दामन छोड़ने वाली डॉ. सिद्धू ने राहुल गांधी को जमीनी हकीकत से कटा हुआ नेता करार दिया। कोयंबटूर में समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बातें तो बहुत समझदारी की करते हैं, लेकिन उनके कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है।

    नवजोत कौर ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि वह पिछले आठ महीनों से राहुल गांधी से मिलने का समय मांग रही थीं ताकि उन्हें पंजाब कांग्रेस की वास्तविक स्थिति से अवगत करा सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष और नियुक्त व्यक्ति पार्टी को खत्म करने पर तुले हुए हैं और टिकटों की बंदरबांट तक की जा चुकी है। सिद्धू ने तल्ख अंदाज में कहा कि यदि राहुल गांधी को यह नहीं पता कि उनकी नाक के नीचे क्या हो रहा है, तो वह उस नेतृत्व की कुर्सी के लायक नहीं हैं।

    इतना ही नहीं, डॉ. सिद्धू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की और उनकी तुलना राहुल गांधी से की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी पर भ्रष्टाचार की उंगली नहीं उठाई जा सकती क्योंकि उनके खिलाफ न तो कोई फाइल है और न ही उन्होंने कोई पैसा बनाया है। दूसरी ओर, उन्होंने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि उनके आसपास रहने वाले लोग पूरी तरह भ्रष्ट हैं।

    सिद्धू ने अपने परिवार के साथ हुए धोखे का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब के लिए सब कुछ न्योछावर कर दिया, लेकिन पार्टी ने अपने वादे पूरे नहीं किए। उनके मुताबिक, सात विभागों के साथ डिप्टी सीएम और सांसद बनाने का वादा किया गया था, लेकिन बदले में उन्हें केवल लोकल बॉडी और टूरिज्म जैसे विभाग दिए गए और उन पर भी मुख्यमंत्री के हिसाब से चलने का दबाव बनाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राहुल गांधी के अपने लोग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, तो वह किस मुंह से भ्रष्टाचार के खिलाफ बात करते हैं। अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि ईमानदार लोगों की उपेक्षा के कारण कांग्रेस पंजाब में जीत हासिल नहीं कर पाएगी।

  • नशे के खिलाफ पंजाब सरकार का हल्ला बोल, सीएम मान बोले-पंजाब पर चिट्टे का कलंक हटाने को हम वचनबद्ध

    नशे के खिलाफ पंजाब सरकार का हल्ला बोल, सीएम मान बोले-पंजाब पर चिट्टे का कलंक हटाने को हम वचनबद्ध

    मोगाः मोगा में विलेज डिफेंस कमेटी (वी.डी.सी.) के शपथ ग्रहण समारोह में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत स्पष्ट और सख्त संदेश देते हुए कहा कि जहां शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने राज्य को नशों में डुबो दिया, वहीं ‘आप’ की सरकार इस नुकसान की भरपाई के लिए नशों के कारोबार में शामिल हर किसी के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

    ‘आप’ प्रमुख ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने नशा तस्करों को बचाने की बजाय उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने 2,000 किलो से अधिक नशे की बरामदगी, बड़े सौदागरों को जेलों में डालने और उनके महलनुमा घरों पर बुलडोजर चलाने का हवाला देते हुए कहा कि युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के जमीनी स्तर पर सार्थक नतीजे सामने आ रहे हैं। उन्होंने पंजाब के लोगों को सचेत करते हुए कहा कि अगर पिछली सरकारें सत्ता में आईं तो पंजाब को फिर नशों की दलदल में जाने से कोई नहीं बचा सकता।

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि आप की सरकार ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत पंजाब पर ‘चिट्टे’ के दाग को मिटाने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की रणनीति इस अभियान को सख्ती से लागू करने के माध्यम से नशा मुक्त पंजाब सृजित करने की ओर केंद्रित है, जिसमें हर गांव में खेल मैदानों का निर्माण और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना शामिल है।

    आप के दोनों वरिष्ठ नेताओं ने नशा विरोधी अभियान को पंजाब के शासन में एक निर्णायक पड़ाव घोषित करते हुए इसे कानून लागू करने वाला मिशन और प्रदेश भर में लोगों का विश्वास जीतने तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की ओर निर्देशित एक व्यापक प्रयास करार दिया।

    समारोह को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लोग आज ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान में शामिल होने के लिए एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक साल पहले 1 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने यह अभियान शुरू किया था। उन्होंने कहा कि जब हमने एक साल पहले ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान शुरू किया था तब लोगों में इसके प्रति ज्यादा उत्साह नहीं था क्योंकि उन्होंने पिछली सरकारों को बड़े-बड़े दावे करते और जमीनी स्तर पर कुछ न करने देखा था। उन्होंने कहा कि इसी कारण जब हमने नशों के खिलाफ यह जंग शुरू की तो उस समय लोगों में कहीं न कहीं सहम और झिझक का माहौल था और कोई भी नशा तस्करों और नशों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए आगे आने को तैयार नहीं था क्योंकि उन्हें डर था कि अगर वे ऐसा करेंगे तो उनके परिवारों को डराया-धमकाया और तंग-परेशान किया जाएगा।

    पिछले साल की कार्रवाई पर प्रकाश डालते हुए ‘आप’ प्रमुख ने आगे कहा कि पिछले एक साल में, जिस तरह पुलिस ने नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और विभिन्न स्थानों से नशीले पदार्थ जब्त किए, जिसमें 2,000 किलो से अधिक नशीले पदार्थों की बरामदगी और नशा बेचने वालों के शानदार बंगलों पर बुलडोजर चलाना, नशों के बड़े तस्करों (जिनका नाम लेने से भी लोग डरते और कांपते थे) को जेलों में डालना शामिल है, तो धीरे-धीरे लोगों को विश्वास होने लगा कि यह ‘आप’ की सरकार है, यह भगवंत मान की सरकार है, जो किसी से नहीं डरती।

    उन्होंने कहा कि पहली बार पंजाब में नशों के खिलाफ ऐसा जोरदार अभियान शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि इस ‘युद्ध’ में हिस्सा लेने के लिए आज का विशाल समागम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि जनता का विश्वास बढ़ रहा है और लोगों के दिलों से डर उठ रहा है, जिसके चलते लोग आगे आ रहे हैं और सरकार तथा पुलिस में उनका विश्वास मजबूत हो रहा है।

    इस अभियान के तहत सृजित संरचना के बारे में बताते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरे पंजाब के हर गांव और हर वार्ड में लोगों की कमेटियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत विलेज डिफेंस कमेटियां (वी.डी.सी.) बनाई जा रही हैं और प्रत्येक वार्ड और गांव के सम्मानित और प्रभावशाली लोगों जैसे सेवानिवृत्त शिक्षक, सेवानिवृत्त फौजी अधिकारी, युवा, सरपंच आदि को इन कमेटियों में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कमेटियों की मुख्य रूप से दो जिम्मेदारियां हैं, जिसमें पहली जिम्मेदारी सरकार को उन लोगों के बारे में सूचित करना है जो गांव या वार्ड में नशा बेच रहे हैं और ऐसे लोगों के बारे में जिनसे वे आगे नशा खरीदते हैं।

    सुरक्षा संबंधी शंकाओं पर बात करते हुए ‘आप’ प्रमुख ने आगे कहा कि बहुत से लोग अभी भी सोचते हैं कि अगर वे जानकारी देंगे तो उनके परिवारों को मार दिया जाएगा या परेशान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने एक एप बनाया है और यह एप हर गांव रक्षा कमेटी सदस्य के फोन में डाला गया है। उन्होंने कहा कि हर सदस्य इस एप के माध्यम से जानकारी दे सकता है, जिसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और किसी को भी पता नहीं चलेगा कि आपने कोई जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि बहुत सी गांव रक्षा कमेटियां पहले ही जानकारी साझा कर रही हैं, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं।

    उन्होंने आगे कहा कि मुझे यह सुनकर बहुत खुशी हुई कि गांव रक्षा कमेटी के ज्यादातर सदस्यों ने कहा कि वे किसी से नहीं डरते और वे इस युद्ध में पूरी तरह सरकार के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब पूरा पंजाब एकजुट हो रहा है, लोगों के मन से डर निकल रहा है और गांवों के लोग नशा बेचने वालों को मुंह तोड़ जवाब दे रहे हैं।

    इस अभियान के तहत सरकार के दो मुख्य कार्यों को स्पष्ट करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि पहला कार्य नशा बेचने वालों के बारे में जानकारी प्रदान करना है ताकि पुलिस उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करके जेल भेज सके और दूसरा कार्य यह सुनिश्चित करना है कि गांव में जो लोग नशे की लत का शिकार हैं, उन्हें इलाज के लिए नजदीकी केंद्र में ले जाया जाए ताकि वे नशों की दलदल से बाहर निकल सकें।

    अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गांव रक्षा कमेटियों के पास अब अपने गांव को नशा मुक्त बनाने की जिम्मेदारी है। इसलिए जो भी कदम उठाने की जरूरत है, वे उठाएं और हमें बताएं कि आपको इस कार्य के लिए किस चीज की जरूरत है, हमारी ओर से सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। आपको जिस भी संसाधन और मदद की जरूरत है, वह दी जाएगी। इसलिए अब अपने आस-पास के इलाके को नशा मुक्त बनाने की जिम्मेदारी अब आपकी है और पूरी पुलिस आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। मुख्यमंत्री सहित पूरा प्रशासन आपके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि एप के माध्यम से आप द्वारा दी गई सारी जानकारी सीधे मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचती है, जिस पर तुरंत कार्रवाई होती है।

  • पंजाब पर चिट्टे का कलंक हटाने को हम वचनबद्धः भगवंत सिंह मान

    पंजाब पर चिट्टे का कलंक हटाने को हम वचनबद्धः भगवंत सिंह मान

    मोगाः मोगा में विलेज डिफेंस कमेटी (वी.डी.सी.) के शपथ ग्रहण समारोह में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत स्पष्ट और सख्त संदेश देते हुए कहा कि जहां शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने राज्य को नशों में डुबो दिया, वहीं ‘आप’ की सरकार इस नुकसान की भरपाई के लिए नशों के कारोबार में शामिल हर किसी के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

    ‘आप’ प्रमुख ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने नशा तस्करों को बचाने की बजाय उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने 2,000 किलो से अधिक नशे की बरामदगी, बड़े सौदागरों को जेलों में डालने और उनके महलनुमा घरों पर बुलडोजर चलाने का हवाला देते हुए कहा कि युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के जमीनी स्तर पर सार्थक नतीजे सामने आ रहे हैं। उन्होंने पंजाब के लोगों को सचेत करते हुए कहा कि अगर पिछली सरकारें सत्ता में आईं तो पंजाब को फिर नशों की दलदल में जाने से कोई नहीं बचा सकता।

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि आप की सरकार ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत पंजाब पर ‘चिट्टे’ के दाग को मिटाने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की रणनीति इस अभियान को सख्ती से लागू करने के माध्यम से नशा मुक्त पंजाब सृजित करने की ओर केंद्रित है, जिसमें हर गांव में खेल मैदानों का निर्माण और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना शामिल है।

    आप के दोनों वरिष्ठ नेताओं ने नशा विरोधी अभियान को पंजाब के शासन में एक निर्णायक पड़ाव घोषित करते हुए इसे कानून लागू करने वाला मिशन और प्रदेश भर में लोगों का विश्वास जीतने तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की ओर निर्देशित एक व्यापक प्रयास करार दिया।

    समारोह को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लोग आज ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान में शामिल होने के लिए एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक साल पहले 1 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने यह अभियान शुरू किया था। उन्होंने कहा कि जब हमने एक साल पहले ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान शुरू किया था तब लोगों में इसके प्रति ज्यादा उत्साह नहीं था क्योंकि उन्होंने पिछली सरकारों को बड़े-बड़े दावे करते और जमीनी स्तर पर कुछ न करने देखा था। उन्होंने कहा कि इसी कारण जब हमने नशों के खिलाफ यह जंग शुरू की तो उस समय लोगों में कहीं न कहीं सहम और झिझक का माहौल था और कोई भी नशा तस्करों और नशों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए आगे आने को तैयार नहीं था क्योंकि उन्हें डर था कि अगर वे ऐसा करेंगे तो उनके परिवारों को डराया-धमकाया और तंग-परेशान किया जाएगा।

    पिछले साल की कार्रवाई पर प्रकाश डालते हुए ‘आप’ प्रमुख ने आगे कहा कि पिछले एक साल में, जिस तरह पुलिस ने नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और विभिन्न स्थानों से नशीले पदार्थ जब्त किए, जिसमें 2,000 किलो से अधिक नशीले पदार्थों की बरामदगी और नशा बेचने वालों के शानदार बंगलों पर बुलडोजर चलाना, नशों के बड़े तस्करों (जिनका नाम लेने से भी लोग डरते और कांपते थे) को जेलों में डालना शामिल है, तो धीरे-धीरे लोगों को विश्वास होने लगा कि यह ‘आप’ की सरकार है, यह भगवंत मान की सरकार है, जो किसी से नहीं डरती।

    उन्होंने कहा कि पहली बार पंजाब में नशों के खिलाफ ऐसा जोरदार अभियान शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि इस ‘युद्ध’ में हिस्सा लेने के लिए आज का विशाल समागम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि जनता का विश्वास बढ़ रहा है और लोगों के दिलों से डर उठ रहा है, जिसके चलते लोग आगे आ रहे हैं और सरकार तथा पुलिस में उनका विश्वास मजबूत हो रहा है।

    इस अभियान के तहत सृजित संरचना के बारे में बताते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरे पंजाब के हर गांव और हर वार्ड में लोगों की कमेटियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत विलेज डिफेंस कमेटियां (वी.डी.सी.) बनाई जा रही हैं और प्रत्येक वार्ड और गांव के सम्मानित और प्रभावशाली लोगों जैसे सेवानिवृत्त शिक्षक, सेवानिवृत्त फौजी अधिकारी, युवा, सरपंच आदि को इन कमेटियों में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कमेटियों की मुख्य रूप से दो जिम्मेदारियां हैं, जिसमें पहली जिम्मेदारी सरकार को उन लोगों के बारे में सूचित करना है जो गांव या वार्ड में नशा बेच रहे हैं और ऐसे लोगों के बारे में जिनसे वे आगे नशा खरीदते हैं।

    सुरक्षा संबंधी शंकाओं पर बात करते हुए ‘आप’ प्रमुख ने आगे कहा कि बहुत से लोग अभी भी सोचते हैं कि अगर वे जानकारी देंगे तो उनके परिवारों को मार दिया जाएगा या परेशान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने एक एप बनाया है और यह एप हर गांव रक्षा कमेटी सदस्य के फोन में डाला गया है। उन्होंने कहा कि हर सदस्य इस एप के माध्यम से जानकारी दे सकता है, जिसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और किसी को भी पता नहीं चलेगा कि आपने कोई जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि बहुत सी गांव रक्षा कमेटियां पहले ही जानकारी साझा कर रही हैं, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं।

    उन्होंने आगे कहा कि मुझे यह सुनकर बहुत खुशी हुई कि गांव रक्षा कमेटी के ज्यादातर सदस्यों ने कहा कि वे किसी से नहीं डरते और वे इस युद्ध में पूरी तरह सरकार के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब पूरा पंजाब एकजुट हो रहा है, लोगों के मन से डर निकल रहा है और गांवों के लोग नशा बेचने वालों को मुंह तोड़ जवाब दे रहे हैं।

    इस अभियान के तहत सरकार के दो मुख्य कार्यों को स्पष्ट करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि पहला कार्य नशा बेचने वालों के बारे में जानकारी प्रदान करना है ताकि पुलिस उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करके जेल भेज सके और दूसरा कार्य यह सुनिश्चित करना है कि गांव में जो लोग नशे की लत का शिकार हैं, उन्हें इलाज के लिए नजदीकी केंद्र में ले जाया जाए ताकि वे नशों की दलदल से बाहर निकल सकें।

    अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गांव रक्षा कमेटियों के पास अब अपने गांव को नशा मुक्त बनाने की जिम्मेदारी है। इसलिए जो भी कदम उठाने की जरूरत है, वे उठाएं और हमें बताएं कि आपको इस कार्य के लिए किस चीज की जरूरत है, हमारी ओर से सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। आपको जिस भी संसाधन और मदद की जरूरत है, वह दी जाएगी। इसलिए अब अपने आस-पास के इलाके को नशा मुक्त बनाने की जिम्मेदारी अब आपकी है और पूरी पुलिस आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। मुख्यमंत्री सहित पूरा प्रशासन आपके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि एप के माध्यम से आप द्वारा दी गई सारी जानकारी सीधे मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचती है, जिस पर तुरंत कार्रवाई होती है।

  • हरियाणा उच्च न्यायालय, महाधिवक्ता कार्यालय में प्रवेश के लिए ऑनलाइन विजिटिंग पास अनिवार्य

    हरियाणा उच्च न्यायालय, महाधिवक्ता कार्यालय में प्रवेश के लिए ऑनलाइन विजिटिंग पास अनिवार्य

    चंडीगढ़ः हरियाणा उच्च न्यायालय और महाधिवक्ता कार्यालय में प्रवेश को ज्यादा व्यवस्थित, सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ऑनलाइन विजिटिंग पास प्रणाली लागू की गई है।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए एक आधिकारिक प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि हरियाणा के महाधिवक्ता कार्यालय और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में किसी भी आधिकारिक कार्य, मामले या सुनवाई के लिए आने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित व्यक्तियों को एलएमएस पोर्टल के माध्यम से पूर्व में ऑनलाइन विजिटिंग पास प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

    प्रवक्ता के अनुसार, आवेदकों के पास वैध कर्मचारी पहचान पत्र होना आवश्यक है। प्रवेश पास की मुद्रित प्रति अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता द्वारा सत्यापित की जानी चाहिए। पास जारी होने के बाद संबंधित कार्यालय द्वारा भी उसका सत्यापन किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि नई प्रणाली से प्रवेश प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित सुरक्षित और पूर्णतः डिजिटल बनेगी। इससे कार्य निष्पादन में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित होगी। यह व्यवस्था 9 फरवरी, 2026 से प्रभावी कर दी गई है।

  • लुधियाना के फर्जी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई शुरू: हरजोत बैंस

    लुधियाना के फर्जी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई शुरू: हरजोत बैंस

    चंडीगढ़ः पंजाब सरकार ने लुधियाना के एक फर्जी स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, क्योंकि इस स्कूल में प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए सुविधाओं की कमी के बावजूद 12वीं की परीक्षाओं के लिए छात्रों का पंजीकरण किया गया था। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सोमवार को बताया कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पी.एस.ई.बी.) द्वारा दसमेश पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महिदूदां, लुधियाना के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गयी है, जिसमें मान्यता वापस लेना और फर्जी दस्तावेज जमा करने के लिए आपराधिक शिकायत दर्ज करना शामिल है। उन्होंने बताया कि पी.एस.ई.बी. ने स्कूल द्वारा रजिस्टर किये गये सभी 27 छात्रों के रोल नंबर भी रद्द कर दिये हैं।

    बैंस ने बताया कि जांच के दौरान इस स्कूल का कोई अस्तित्व सामने नहीं आया, इसकी इमारत किराये पर दी गयी थी और कोई कक्षा नहीं चल रही थी। बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं के लिए रजिस्टर्ड 27 छात्रों के रोल नंबर भी मौजूद नहीं थे, जिसके कारण पी.एस.ई.बी. ने उनके रोल नंबर रद्द कर दिए। उन्होंने बताया कि चार अन्य स्कूल जांच के अंतर्गत हैं क्योंकि पंजाब सरकार शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता करने वाली और परीक्षा में गड़बड़ियां करने वाली संस्थाओं पर शिकंजा कसने के लिए प्रतिबद्ध है।

    बैंस ने कहा, “ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार मानक शिक्षा सुनिश्चित करने और छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हम ‘गोस्ट स्कूल’ चलाने वाली और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे और कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।” शिक्षा मंत्री ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनको अन्य स्कूल आवंटित करके और मार्गदर्शन देकर योग्य छात्रों के हितों की रक्षा की जाएगी और फर्जी संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच टीमों को अन्य संदिग्ध स्कूलों की जांच में तेजी लाने और जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये गये हैं।

  • आज पंजाब में बदलेगा माैसम, जानिए क्या है अपडेट

    आज पंजाब में बदलेगा माैसम, जानिए क्या है अपडेट

    चंडीगढ़- पंजाब और चंडीगढ़ में आज रात से मौसम बदलेगा। अगले दो दिन, 17 और 18 फरवरी को बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। इस साल यह पहली बार है जब फरवरी में तापमान 29 डिग्री के पार गया है। सबसे ज़्यादा तापमान फिरोजपुर में रिकॉर्ड किया गया। पिछले 24 घंटों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। अधिकतम तापमान सामान्य से 3.9 डिग्री ज़्यादा रिकॉर्ड किया गया। अगले दो दिनों में रात के तापमान में एक से तीन डिग्री की बढ़ोतरी होगी।

    मौसम विभाग के अनुसार, तेज़ पश्चिमी हवाएं चल रही हैं और एक नया पश्चिमी सिस्टम एक्टिव हो गया है, जिससे पूरे उत्तर भारत में मौसम बदल रहा है।

    प्रमुख शहरों का तापमान

    पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 24 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

    अमृतसर: 24.6°C

    लुधियाना: 27.0°C

    पटियाला: 27.3°C

    बठिंडा: 26.0°C

    रूपनगर: 26.8°C

    मोहाली और चंडीगढ़: 26.4°C

    न्यूनतम तापमान 8 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।

  • खालसा एड की नई पहल: ‘सांझी खेती प्रोजेक्ट’ की शुरुआत

    खालसा एड की नई पहल: ‘सांझी खेती प्रोजेक्ट’ की शुरुआत

    जालंधरः पंजाब के छोटे और आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को मजबूत सहारा देने के लिए Khalsa Aid ने “सांझी खेती प्रोजेक्ट” की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन किसानों की सहायता करना है जिनके पास पांच एकड़ या उससे कम जमीन है और जो आधुनिक कृषि मशीनरी की कमी के कारण अधिक खर्च और कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत जिन किसानों के पास ट्रैक्टर या आवश्यक कृषि उपकरण जैसे हल, रोटावेटर, सीड ड्रिल, लेजर लेवलर आदि उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें ये सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। ट्रैक्टर के साथ अनुभवी ड्राइवर की सेवा भी दी जाएगी, ताकि खेती का काम समय पर और कम लागत में पूरा हो सके। यह प्रयास खेती की लागत कम करने, कर्ज के बोझ को घटाने और छोटे किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    प्रोजेक्ट संबंधी जानकारी देते हुए इंचार्ज गगनदीप सिंह ने कहा कि “सांझी खेती प्रोजेक्ट छोटे और जरूरतमंद किसानों के लिए एक मजबूत सहारा साबित होगा।” उन्होंने आगे बताया कि इस योजना का उद्देश्य केवल मशीनरी उपलब्ध करवाना ही नहीं, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और खेती को लाभकारी बनाना भी है।

    इस अवसर पर Khalsa Aid के जसप्रीत सिंह दहिया, लखविंदर सिंह और गुरमीत सिंह (बिल माटो) ने भी कहा कि यह प्रोजेक्ट पंजाब के छोटे किसानों के लिए एक मिसाल कायम करेगा और भविष्य में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान इस सहायता से लाभान्वित हो सकें।

    उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि कृषि पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और छोटे किसानों को मजबूत किए बिना राज्य की प्रगति संभव नहीं है। “सांझी खेती प्रोजेक्ट” के माध्यम से न केवल किसानों की तत्काल जरूरतें पूरी की जाएंगी, बल्कि आपसी सहयोग और साझेदारी की भावना को भी मजबूत किया जाएगा, जो आने वाले समय में खेती के लिए एक नया मॉडल साबित हो सकता है।