पंजाब पर चिट्टे का कलंक हटाने को हम वचनबद्धः भगवंत सिंह मान

मोगाः मोगा में विलेज डिफेंस कमेटी (वी.डी.सी.) के शपथ ग्रहण समारोह में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत स्पष्ट और सख्त संदेश देते हुए कहा कि जहां शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने राज्य को नशों में डुबो दिया, वहीं ‘आप’ की सरकार इस नुकसान की भरपाई के लिए नशों के कारोबार में शामिल हर किसी के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

‘आप’ प्रमुख ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने नशा तस्करों को बचाने की बजाय उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने 2,000 किलो से अधिक नशे की बरामदगी, बड़े सौदागरों को जेलों में डालने और उनके महलनुमा घरों पर बुलडोजर चलाने का हवाला देते हुए कहा कि युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के जमीनी स्तर पर सार्थक नतीजे सामने आ रहे हैं। उन्होंने पंजाब के लोगों को सचेत करते हुए कहा कि अगर पिछली सरकारें सत्ता में आईं तो पंजाब को फिर नशों की दलदल में जाने से कोई नहीं बचा सकता।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि आप की सरकार ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत पंजाब पर ‘चिट्टे’ के दाग को मिटाने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की रणनीति इस अभियान को सख्ती से लागू करने के माध्यम से नशा मुक्त पंजाब सृजित करने की ओर केंद्रित है, जिसमें हर गांव में खेल मैदानों का निर्माण और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना शामिल है।

आप के दोनों वरिष्ठ नेताओं ने नशा विरोधी अभियान को पंजाब के शासन में एक निर्णायक पड़ाव घोषित करते हुए इसे कानून लागू करने वाला मिशन और प्रदेश भर में लोगों का विश्वास जीतने तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की ओर निर्देशित एक व्यापक प्रयास करार दिया।

समारोह को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लोग आज ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान में शामिल होने के लिए एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक साल पहले 1 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने यह अभियान शुरू किया था। उन्होंने कहा कि जब हमने एक साल पहले ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान शुरू किया था तब लोगों में इसके प्रति ज्यादा उत्साह नहीं था क्योंकि उन्होंने पिछली सरकारों को बड़े-बड़े दावे करते और जमीनी स्तर पर कुछ न करने देखा था। उन्होंने कहा कि इसी कारण जब हमने नशों के खिलाफ यह जंग शुरू की तो उस समय लोगों में कहीं न कहीं सहम और झिझक का माहौल था और कोई भी नशा तस्करों और नशों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए आगे आने को तैयार नहीं था क्योंकि उन्हें डर था कि अगर वे ऐसा करेंगे तो उनके परिवारों को डराया-धमकाया और तंग-परेशान किया जाएगा।

पिछले साल की कार्रवाई पर प्रकाश डालते हुए ‘आप’ प्रमुख ने आगे कहा कि पिछले एक साल में, जिस तरह पुलिस ने नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और विभिन्न स्थानों से नशीले पदार्थ जब्त किए, जिसमें 2,000 किलो से अधिक नशीले पदार्थों की बरामदगी और नशा बेचने वालों के शानदार बंगलों पर बुलडोजर चलाना, नशों के बड़े तस्करों (जिनका नाम लेने से भी लोग डरते और कांपते थे) को जेलों में डालना शामिल है, तो धीरे-धीरे लोगों को विश्वास होने लगा कि यह ‘आप’ की सरकार है, यह भगवंत मान की सरकार है, जो किसी से नहीं डरती।

उन्होंने कहा कि पहली बार पंजाब में नशों के खिलाफ ऐसा जोरदार अभियान शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि इस ‘युद्ध’ में हिस्सा लेने के लिए आज का विशाल समागम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि जनता का विश्वास बढ़ रहा है और लोगों के दिलों से डर उठ रहा है, जिसके चलते लोग आगे आ रहे हैं और सरकार तथा पुलिस में उनका विश्वास मजबूत हो रहा है।

इस अभियान के तहत सृजित संरचना के बारे में बताते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरे पंजाब के हर गांव और हर वार्ड में लोगों की कमेटियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत विलेज डिफेंस कमेटियां (वी.डी.सी.) बनाई जा रही हैं और प्रत्येक वार्ड और गांव के सम्मानित और प्रभावशाली लोगों जैसे सेवानिवृत्त शिक्षक, सेवानिवृत्त फौजी अधिकारी, युवा, सरपंच आदि को इन कमेटियों में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कमेटियों की मुख्य रूप से दो जिम्मेदारियां हैं, जिसमें पहली जिम्मेदारी सरकार को उन लोगों के बारे में सूचित करना है जो गांव या वार्ड में नशा बेच रहे हैं और ऐसे लोगों के बारे में जिनसे वे आगे नशा खरीदते हैं।

सुरक्षा संबंधी शंकाओं पर बात करते हुए ‘आप’ प्रमुख ने आगे कहा कि बहुत से लोग अभी भी सोचते हैं कि अगर वे जानकारी देंगे तो उनके परिवारों को मार दिया जाएगा या परेशान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने एक एप बनाया है और यह एप हर गांव रक्षा कमेटी सदस्य के फोन में डाला गया है। उन्होंने कहा कि हर सदस्य इस एप के माध्यम से जानकारी दे सकता है, जिसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और किसी को भी पता नहीं चलेगा कि आपने कोई जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि बहुत सी गांव रक्षा कमेटियां पहले ही जानकारी साझा कर रही हैं, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे यह सुनकर बहुत खुशी हुई कि गांव रक्षा कमेटी के ज्यादातर सदस्यों ने कहा कि वे किसी से नहीं डरते और वे इस युद्ध में पूरी तरह सरकार के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब पूरा पंजाब एकजुट हो रहा है, लोगों के मन से डर निकल रहा है और गांवों के लोग नशा बेचने वालों को मुंह तोड़ जवाब दे रहे हैं।

इस अभियान के तहत सरकार के दो मुख्य कार्यों को स्पष्ट करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि पहला कार्य नशा बेचने वालों के बारे में जानकारी प्रदान करना है ताकि पुलिस उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करके जेल भेज सके और दूसरा कार्य यह सुनिश्चित करना है कि गांव में जो लोग नशे की लत का शिकार हैं, उन्हें इलाज के लिए नजदीकी केंद्र में ले जाया जाए ताकि वे नशों की दलदल से बाहर निकल सकें।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गांव रक्षा कमेटियों के पास अब अपने गांव को नशा मुक्त बनाने की जिम्मेदारी है। इसलिए जो भी कदम उठाने की जरूरत है, वे उठाएं और हमें बताएं कि आपको इस कार्य के लिए किस चीज की जरूरत है, हमारी ओर से सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। आपको जिस भी संसाधन और मदद की जरूरत है, वह दी जाएगी। इसलिए अब अपने आस-पास के इलाके को नशा मुक्त बनाने की जिम्मेदारी अब आपकी है और पूरी पुलिस आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। मुख्यमंत्री सहित पूरा प्रशासन आपके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि एप के माध्यम से आप द्वारा दी गई सारी जानकारी सीधे मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचती है, जिस पर तुरंत कार्रवाई होती है।

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