फिल्लौर/जालंधर: फिल्लौर के थाना प्रभारी (SHO) भूषण कुमार पर अपनी बेटी के लिए इंसाफ मांगने आई एक रेप पीड़िता की मां के साथ छेड़छाड़ और उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पंजाब राज्य महिला आयोग ने कड़ा संज्ञान लेते हुए जालंधर के SSP को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
यह पूरा मामला गुरुवार को लोक इंसाफ मंच द्वारा की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सामने आया, जिसमें पीड़िता की मां ने SHO पर संगीन आरोप लगाए। पीड़िता की मां ने बताया कि 23 अगस्त की रात को उनकी 14 वर्षीय बेटी के साथ पड़ोसी युवक रोशन कुमार (19) ने कथित तौर पर रेप किया था। जब वे शिकायत लेकर फिल्लौर थाने पहुंचे, तो SHO भूषण कुमार ने यह मानने से ही इनकार कर दिया कि रेप हुआ है और मेडिकल जांच कराने से भी मना कर दिया।
मां का आरोप है कि SHO ने उन पर समझौता करने का दबाव बनाया और कहा, मैं आरोपी को बुलाकर तुमसे थप्पड़ लगवा देता हूं, अपना गुस्सा शांत कर लेना।” परिवार के इनकार करने के बावजूद, लगभग एक महीने तक उनकी FIR दर्ज नहीं की गई और वे थाने के चक्कर काटते रहे। आरोपों के मुताबिक, इस दौरान SHO ने पीड़िता और उसकी बेटी के साथ गलत व्यवहार करना शुरू कर दिया। मां ने बताया कि SHO उनकी बेटी को गलत तरीके से छूने लगा और उनसे रेप की जांच के तरीकों के बारे में अश्लील बातें करने लगा।
महिला ने कहा कि 5 अक्टूबर को SHO ने खुद ही बयान लिखकर उनसे दस्तखत करवा लिए और केस दर्ज कर लिया, लेकिन इसके बाद भी उत्पीड़न बंद नहीं हुआ। आरोप है कि केस दर्ज करने के बाद SHO उन्हें फोन करके अकेले में कचहरी के पास अपने सरकारी घर में मिलने के लिए बुलाने लगा। उधर, संपर्क करने पर SHO भूषण कुमार ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है। महिला आयोग के नोटिस के बाद अब इस मामले में पुलिस के उच्च अधिकारियों की जांच का इंतजार है।
