पंजाब विधानसभा में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा का कांग्रेस पर हमला, सोशल मीडिया पर पाबंदी और खेल मैदानों को लेकर बड़ा ऐलान

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चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा की विवादित टिप्पणियों को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। अरोड़ा ने महिलाओं के सम्मान और वंश परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल ‘मां की कुख’ (कोख) को लेकर किया जा रहा है, वह बेहद निंदनीय है। उन्होंने इस मुद्दे पर पूरी कांग्रेस पार्टी से माफी की मांग की है।

सदन में अपनी बात रखते हुए कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि सदियों से वंश मां की कोख से ही चलते आए हैं, लेकिन आज राजनीति में कोख को लेकर शर्मनाक बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रही है और महिलाओं के प्रति ऐसी घटिया बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि खैहरा के बयानों के लिए कांग्रेस नेतृत्व को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

इसी दौरान सदन में सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अमन अरोड़ा ने कहा कि सोशल मीडिया जहां फायदेमंद है, वहीं इसके खतरनाक नुकसान भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है और भारत के भी दो राज्य इस दिशा में कदम उठा चुके हैं। उन्होंने संकेत दिए कि पंजाब सरकार भी बच्चों को इस डिजिटल जाल से बचाने के लिए सख्त नीति बनाने पर विचार कर रही है।

बच्चों के बिगड़ते व्यवहार और शारीरिक गतिविधियों में कमी पर चिंता जताते हुए मंत्री ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जब बच्चे खेल के मैदान में नहीं जाते, तब वे गलत दिशा में भटकते हैं। इसे रोकने के लिए सरकार पूरे प्रदेश में 31,000 खेल के मैदान तैयार कर रही है। उन्होंने सभी विधायकों और समाज के प्रबुद्ध लोगों से इस विषय पर सुझाव देने की अपील की ताकि एक प्रभावी नीति बनाई जा सके।

यह मामला उस समय गरमाया जब विधायक राणा इंद्र प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर एक प्रस्ताव उठाया। उन्होंने इसे एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बताते हुए सदन में इस पर विशेष बहस की मांग की। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भी इस पर सहमति जताई और कहा कि नई पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार हर संभव प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाएगी।

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