Punjab Desk: पंजाब और चंडीगढ़ में भीषण गर्मी का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 11 जून तक हीटवेव और लू चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार करीब 11 दिन बाद एक बार फिर प्रदेश में लू जैसी स्थिति बनी है। तापमान में 2.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया है।
पंजाब में बठिंडा सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं चंडीगढ़ का तापमान भी बढ़कर 39.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि इस दौरान लू लगने का खतरा सबसे अधिक रहता है।
भीषण गर्मी का असर बिजली खपत पर भी दिखाई दे रहा है। सोमवार सुबह 7 बजे पंजाब में बिजली की मांग 11 हजार मेगावाट के आंकड़े को पार कर गई। राज्य में लगभग 4 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जबकि शेष 8,700 मेगावाट बिजली केंद्रीय पूल से प्राप्त की जा रही है।
इस बीच, पंजाब और चंडीगढ़ की गर्मी से राहत पाने के लिए हिमाचल प्रदेश का रुख करने वाले पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। शिमला, मनाली, रोहतांग, कुफरी और नारकंडा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर मौसम फिलहाल सुहावना बना हुआ है और तापमान सामान्य स्तर पर है। हालांकि ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी जैसे जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। इन क्षेत्रों में 9 और 10 जून को हीटवेव की चेतावनी जारी की गई थी।
बारिश कब होगी?
मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के अनुसार 11 से 14 जून के बीच पंजाब में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हो सकती हैं। इस दौरान कई इलाकों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश और आंधी-तूफान आने की संभावना है। इससे गर्मी और लू के असर में कुछ कमी आ सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि अगले चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि 11 से 13 जून के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।