उत्तर प्रदेश: सनसनीखेज हत्याओं को अंजाम देने वाला ‘साइको किलर’ पुलिस मुठभेड़ में ढेर
अमृतसर/चंदौली: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में पिछले 26 घंटों से दहशत का पर्याय बना रिटायर्ड फौजी और साइको किलर गुरप्रीत सिंह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। आरोपी ने तीन बेगुनाह लोगों की बेरहमी से हत्या कर पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।
कौन था आरोपी गुरप्रीत सिंह?
पुलिस के अनुसार, गुरप्रीत सिंह मूल रूप से पंजाब के अमृतसर का रहने वाला था।
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सेना से नाता: उसने 2021 में सेना की नौकरी छोड़ दी थी।
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अपराध की वजह: शराब की लत और मानसिक अस्थिरता ने उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया। वह बिहार के आरा में सुरक्षा गार्ड के रूप में भी काम कर चुका था, लेकिन नौकरी छूटने के बाद उसकी स्थिति और बिगड़ गई।
26 घंटे, 3 हत्याएं: दहशत का घटनाक्रम
जांच में सामने आया कि गुरप्रीत ने किसी रंजिश के कारण नहीं, बल्कि ‘रैंडम’ (अचानक) तरीके से लोगों को निशाना बनाया:
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पहली हत्या (10 मई): ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में जमानिया निवासी मंगरू की गोली मारकर हत्या।
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दूसरी हत्या (11 मई): कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस में एक यात्री पर फायरिंग।
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तीसरी हत्या (12 मई): अलीनगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती महिला के सिर में गोली मारकर हत्या।
अस्पताल में हुई इस तीसरी वारदात के बाद स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाई और आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
एनकाउंटर की पूरी कहानी
अस्पताल की घटना के बाद जब पुलिस टीम (SOG, GRP और स्थानीय पुलिस) आरोपी को ‘सीन रीक्रिएशन’ (वारदात स्थल के मुआयने) के लिए ले जा रही थी, तभी यह मुठभेड़ हुई:
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पिस्तौल छीनी: आरोपी ने अचानक एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और भागने की कोशिश की।
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जवाबी कार्रवाई: गुरप्रीत ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी मुठभेड़ में आरोपी के सीने में गोली लगी।
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मौत की पुष्टि: गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस को मिली बरामदगी
मुठभेड़ के दौरान जीआरपी के एक हेड कांस्टेबल सहित दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से एक रिवॉल्वर, भारी मात्रा में कारतूस और एक कटी हुई डीबीबीएल (DBBL) गन बरामद की है।