चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने राज्य में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 31 स्टार्टअप्स को कुल 1.07 करोड़ रुपये की सीड ग्रांट प्रदान की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब तेजी से देश के प्रमुख स्टार्टअप केंद्रों में अपनी पहचान बना रहा है और सरकार युवा उद्यमियों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीड ग्रांट वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवा अब सिर्फ नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वाले बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी प्रतिभाशाली युवा का सपना केवल वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण अधूरा न रह जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘पंजाब स्टार्टअप और उद्योग नीति-2026’ के तहत सीड ग्रांट की राशि को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके तहत 7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपये और 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। उनका मानना है कि ये स्टार्टअप्स आने वाले समय में हजारों रोजगार के अवसर पैदा करेंगे और युवाओं के विदेश पलायन की प्रवृत्ति को कम करने में मदद करेंगे।
भगवंत मान ने कहा कि पंजाबियों की उद्यमशीलता की पहचान पूरी दुनिया में है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के सफल उद्यमियों की अगली पीढ़ी न केवल पंजाब से निकलनी चाहिए, बल्कि अपनी कंपनियों का संचालन भी पंजाब से ही करना चाहिए ताकि राज्य में आर्थिक गतिविधियां और रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवाचार और नए विचार ही किसी भी समाज और अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का आधार होते हैं। उन्होंने मुफ्त बिजली, किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति और अन्य जनहितकारी योजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि दूरदर्शी सोच लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।
उन्होंने विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को नवाचार के केंद्र बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनके अनुसार, कॉलेज और विश्वविद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं बल्कि नए विचारों, उत्पादों और स्टार्टअप्स की जन्मस्थली बनने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अपने विदेशी दौरों का जिक्र करते हुए बताया कि दक्षिण कोरिया की पैंगयो टेक्नो वैली और नीदरलैंड्स के वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर जैसे वैश्विक नवाचार मॉडल यह दिखाते हैं कि सही माहौल और सहयोग मिलने पर छोटे विचार भी विश्वस्तरीय कंपनियों का रूप ले सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब का भविष्य कृषि-तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, विनिर्माण और आधुनिक कृषि जैसे क्षेत्रों में छिपा है। सरकार इन क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने युवा उद्यमियों से बड़े सपने देखने का आह्वान करते हुए कहा कि आज के छोटे स्टार्टअप्स कल की बड़ी वैश्विक कंपनियां बन सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी रहेगी और उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी।
सरकार का मानना है कि यह पहल केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि युवाओं के विचारों, उनकी प्रतिभा और पंजाब के उज्ज्वल भविष्य में विश्वास का प्रतीक है। इससे राज्य में नवाचार आधारित विकास को नई गति मिलेगी और पंजाब देश के अग्रणी स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में उभर सकेगा।